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रविवार, 04 मार्च, 2007 को 07:15 GMT तक के समाचार

चीन ने की सैन्य खर्च में बढ़ोत्तरी

चीन ने घोषणा की है कि वो सुरक्षा संबंधी खर्च में 17.8 फ़ीसदी की बढ़ोत्तरी कर रहा है. अब ये राशि 45 अरब डॉलर हो गई है.

पिछले वर्ष सैन्य खर्च में 15 फ़ीसदी की वृद्धि की गई थी.

एक परमाणु शक्ति होने के साथ-साथ चीन की सेना दुनिया की सबसे बड़ी सेना है. लेकिन उसके सैन्य उपकरण काफ़ी पुराने हो चुके हैं. चीन की सेना में इनदिनों आधुनिकीकरण अभियान चल रहा है.

पुराने उपकरणों की जगह नए यंत्र लाने का काम ज़ोर-शोर से चल रहा है. बीबीसी संवाददाता का कहना है कि यही वजह है कि पिछले एक दशक से चीन का रक्षा बजट तेज़ी से बढ़ा है.

संवाददाता के मुताबिक रक्षा बजट में 10 फ़ीसदी से ज़्यादा की बढ़ोत्तरी आम बात है.

सैन्य खर्च बढ़ाने की घोषणा ऐसे समय की गई है जब अमरीकी से जॉन नेगरोपोंटे चीन में है और एक दिन बाद चीनी संसद का अधिवेशन होने वाला है.

सैन्य शक्ति पर चिंता

कई विषलेश्क मानते हैं कि चीन में रक्षा मामलों पर खर्च घोषित राशि से कहीं ज़्यादा है. हालांकि अमरीकी रक्षा बजट की तुलना में चीन का रक्षा बजट बहुत कम है.

अमरीका और कई एशियाई देश चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति पर चिंता जता चुके हैं. जबकि चीन का कहना है कि वो ये सिर्फ़ शांतिपूर्ण मकसद के लिए कर रहा है.

अमरीकी अधिकारियों का कहना है कि चीन की बढ़ती सैन्य शक्ति और शांतिपूर्ण मकसद की बात आपस में मेल नहीं खाती.

हाल ही में अमरीकी उप राष्ट्रपति डिक चेनी ने कहा था कि चीन सरकार की कुछ गतिविधियाँ अलग ही तरह के संदेश देती हैं.

डिक चेनी ने कहा था कि चीन ने जनवरी में एक निष्क्रिय सैटेलाइट को ध्वस्त किया और अपना सैनिक जमावड़ा भी जारी रखा है जिसे रचनात्मक क़दम नहीं कहा जा सकता.

चीन ने स्वीकार किया है कि उसने एक उपग्रह को मार गिराने का सफल परीक्षण किया था.