शुक्रवार, 02 मार्च, 2007 को 14:03 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन की दिवंगत राजकुमारी डायना और डोडी अल फ़ायद की पेरिस में 1997 में एक कार दुर्घटना में मौत के मामले की जाँच के सिलसिले में डोडी के पिता को एक अहम क़ानूनी जीत हासिल हुई है.
ब्रिटेन के हाई कोर्ट ने फ़ैसला दिया है कि राजकुमारी डायना और डोडी की मौत की जाँच पर सुनवाई जूरी के सामने होगी. शाही जाँच अधिकारी का कहना है कि यह सुनवाई जूरी के सामने नहीं, बल्कि सिर्फ़ उनके सामने होनी चाहिए.
हाई कोर्ट के तीन वरिष्ठ जजों ने शुक्रवार को फ़ैसला दिया कि जाँच की सुनवाई एक जूरी के सामने होनी चाहिए और मोहम्मद अल फ़ायद इस फ़ैसले पर काफ़ी ख़ुश नज़र आए जिसे उन्होंने एक "एक अच्छी जीत" बताया.
मोहम्मद अल फ़ायद लंदन के मशहूर सुपरस्टोर हैरड्स के मालिक और डोडी के पिता हैं. हाई कोर्ट के फ़ैसले के बाद मोहम्मद अल फ़ायद ने कहा, "यह एक अच्छी जीत है लेकिन न्याय पाने के लिए पिछले दस साल से जो मैं संघर्ष कर रहा हूँ, यह उसकी शुरूआत भर है."
हाई कोर्ट ने मोहम्मद अल फ़ायद के इन विचारों को सही ठहराया है कि डायना और डोडी की मौत के कारणों की जाँच के बारे में फ़ैसला जूरी से होना चाहिए.
शाही जाँच अधिकारी लेडी बटलर स्लॉस ने यह फ़ैसला दिया था कि इस सुनवाई में सिर्फ़ वह अकेली ही मौजूद रहेंगी जिसका मोहम्मद अल फ़ायद ने विरोध किया था और हाई कोर्ट में अपील की थी.
'न्याय के लिए संघर्ष'
मोहम्मद अल फ़ायद कहते आए हैं कि उनके बेटे डोडी अल फ़ायद और राजकुमारी डायना की हत्या की गई थी.
डायना और डोडी की मौत के बारे में शाही जाँच अधिकारी लेडी बटलर स्लॉस ने कहा था कि सिर्फ़ वह इस मामले में सतर्क और पूरी तरह से तार्किक फ़ैसला सुना सकती हैं लेकिन हाई कोर्ट ने शुक्रवार को उनके इस फ़ैसले को पलटते हुए कहा है कि फ़ैसला करने का अधिकार जूरी को दिया जाना चाहिए.
बीबीसी के ब्रिटिश मामलों के संवाददाता का कहना है कि यह समझा जा रहा कि न्यायालय में इस मामले की सुनवाई के दौरान आम लोगों की जूरी की सहानुभूति मोहम्मद अल फ़ायद के इस तर्क को मिल सकती है कि डायना और डोडी की ग़ैरक़ानूनी तरीके से हत्या की गई थी.
हाई कोर्ट ने कहा कि शाही जाँच अधिकारी के फ़ैसले को उन्होंने इसलिए पलटा है क्योंकि डायना और डोडी की मौत ऐसे हालात में हुई कि अगर वे दोबारा से पैदा होते हैं तो किसी की सुरक्षा के लिए ख़तरनाक साबित हो सकते हैं. ऐसे मामलों शाही जाँच अधिकारी को क़ानून के मुताबिक जूरी को आमंत्रित करना चाहिए.
मोहम्मद अल फ़ायद ने यह भी मांग की है कि ब्रिटेन के शाही परिवार के वरिष्ठ सदस्यों प्रिंस फ़िलिप और प्रिंस चार्ल्स को भी अदालत में गवाही देने के लिए बुलाया जाना चाहिए.