सोमवार, 26 फ़रवरी, 2007 को 01:29 GMT तक के समाचार
इराक़ के शिया कट्टरपंथी नेता मोक्तादा अल सद्र ने कहा है कि बग़दाद में अमरीकी सेना का सुरक्षा अभियान विफल हो जाएगा.
सद्र ने अपने बयान में कहा है कि इराक़ में कोई भी सुरक्षा योजना तब तक सफल नहीं होगी जब तक कि इराक़ी सरकार ख़ुद अपने नागरिकों की सुरक्षा का दायित्व नहीं लेती.
बग़दाद में एक के बाद एक कई बम धमाके होने के बाद सद्र का ये बयान आया है.
ऐसे ही एक धमाके में 42 लोग मारे गए हैं और 55 घायल हुए हैं.
ये धमाके इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी के उस बयान के एक दिन बाद हुए जिसमें उन्होंने कहा था कि अमरीकी सेना की सख़्ती के चलते जातीय हिंसा तेज़ हुई है.
मोक्ताता अल सद्र ने एक बार फिर अमरीका से आह्वान किया है कि वो इराक़ से अपनी सेना वापस ले ले.
छात्रों पर निशाना
रविवार को हुए धमाकों में सबसे ज़्यादा नुकसान 'कॉलेज ऑफ एडमिनिस्ट्रेशन ऐंड इकोनॉमिक्स' के पास हुआ और यहीं सबसे अधिक लोग मारे गए.
इनमें से अधिकतर छात्र थे जो परीक्षा देने कॉलेज परिसर की ओर जा रहे थे. इस कॉलेज पर मोक्तादा अल सद्र का नियंत्रण है.
एक 22 वर्षीय छात्र ने आपबीती सुनाते हुए कहा, "अचानक एक विस्फोट हुआ. मुझे 15 मिनटों तक कुछ पता ही नहीं चला और जब मैं होश में आया तब अस्पताल में था."