शनिवार, 24 फ़रवरी, 2007 को 21:24 GMT तक के समाचार
ब्रिटेन की राजधानी लंदन और ग्लासगो में शनिवार को युद्ध विरोधी प्रदर्शन हुए हैं जिनमें लंदन में मेयर समेत हज़ारों लोगों ने हिस्सा लिया है.
प्रदर्शन कर रहे लोग इराक़ में ब्रिटेन की सेना की मौजूदगी का विरोध कर रहे थे. उनकी माँग थी कि ब्रिटेन के सैनिकों को इराक़ से वापस बुलाया जाए.
इस विरोध-प्रदर्शनों के आयोजकों का दावा है कि इन प्रदर्शनों में क़रीब एक लाख लोगों ने हिस्सा लिया जबकि पुलिस का कहना है कि प्रदर्शनकारियों की तादाद 10 हज़ार के क़रीब हो सकती है.
प्रदर्शनकारियों ने ब्रिटेन के समुद्री परमाणु मिसाइल कार्यक्रम के बारे में स्थिति स्पष्ट करने की माँग की.
इराक़ में ब्रिटेन के सात हज़ार से भी ज़्यादा सैनिक तैनात हैं. इसी हफ्ते प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने घोषणा की थी कि अगले कुछ महीनों में 1600 सैनिकों की वापसी हो सकती है.
ईरान पर चिंता
प्रदर्शनकारियों ने ईरान के ख़िलाफ़ किसी भी तरह की सैन्या कार्रवाई किए जाने का भी पुरज़ोर विरोध किया.
इन शांतिपूर्ण प्रदर्शनों में ऐसे कई बैनरों और तख्तियों को भी इस्तेमाल किया गया था जिनपर लिखा था कि अमरीकी राष्ट्रपति "आतंकवादी" हैं और कहा गया था कि "ईरान पर हमला मत करो".
ब्रिटिश मुस्लिम इनिशिएटिव के एक कार्यकर्ता ने बताया कि अधिकतर प्रदर्शनकारियों का संदेश यह था कि फ़लस्तीन के लोगों की आज़ादी को महत्व दिया जाना चाहिए.
प्रदर्शन में हिस्सा लेने वालों में राजनीति और मनोरंजन क्षेत्र के लोगों के साथ ही सैनिकों के परिवारों के लोग भी शामिल हुए.
बीबीसी संवाददाता के मुताबिक लंदन में युद्ध विरोधी प्रदर्शन में लंदन के मेयर केन लिविंग्सटन ने भी हिस्सा लिया.