बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 10:46 GMT तक के समाचार
अमरीकी संसद कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इराक़ सुरक्षा योजना पर तीख़ी बहस हो रही है और बहस में बुश प्रशासन की आलोचना भी हुई है.
अमरीकी प्रतिनिधि सभा उस प्रस्ताव पर चर्चा कर रही है जिसमें राष्ट्रपति बुश के इराक़ में 21 हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने के फ़ैसले का विरोध किया गया है.
लेकिन ये प्रस्ताव राष्ट्रपति बुश के लिए बाध्यकारी नहीं होगा.
उधर इराक़ ने कहा है कि अमरीका की तैयार की गई नई इराक़ सुरक्षा योजना के तहत वो ईरान और सीरिया से लगने वाली सीमा को तीन दिन के लिए बंद कर रहा है.
'बुश की नीति पर भरोसा नहीं'
प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नैन्सी पलोसी का कहना था, "अमरीकी लोगों को इराक़ में राष्ट्रपति बुश की नीति पर भरोसा नहीं रहा और वे नई दिशा की माँग कर रहे हैं."
पलोसी का कहना था कि समझ नहीं आ रहा कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती कब ख़त्म होगी.
रिपब्लिकन नेता जॉन बॉइनर ने चेतावनी दी कि अमरीकी नीति को कमज़ोर करने की कोशिशों से पूरे विश्व में 'आतंकवादियों' का मनोबल बढ़ेगा.
इस प्रस्ताव पर शुक्रवार को मतदान होगा. प्रतिनिधि सभा में मतदान के बाद ये प्रस्ताव सीनेट में पेश किया जाएगा.
नवंबर 2006 में हुए चुनावों में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रतिनिधि सभा में बहुमत पाने के बाद इराक़ पर पहली बार व्यापक बहस हो रही है.
इराक़ युद्ध में अमरीकी सेना की ओर से भाग लेने वाले डेमोक्रेट सांसद पैट्रिक मर्फ़ी का कहना था, "मेरे इराक़ छोड़ने के तीन साल बाद भी अमरीकी सैन्य काफ़िलों पर घात लगाकर हमले हो रहे हैं और अमरीकी सैनिक इराक़ में गली-कूचों की सुरक्षा करने में जुटे हुए हैं."