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बुधवार, 14 फ़रवरी, 2007 को 20:03 GMT तक के समाचार

राष्ट्रपति बुश ने ईरान पर दबाव बढ़ाया

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश का कहना है कि ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक शाखा का संबंध इराक़ में अमरीकी सैनिकों पर हमले से है.

उनका कहना था कि अमरीकी इस बारे में 'सुनिश्चित' है और इस सुरक्षा बल ने हमलावरों को हथियार प्रदान किए थे.

लेकिन साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी नहीं कि सुरक्षाबलों को किसने आदेश दिया था.

राष्ट्रपति बुश ने इस बात से भी इनकार किया कि ईरान पर हमले के लिए वो ज़मीन तैयार कर रहे हैं.

दूसरी ओर उन्होंने यह बात स्वीकार की कि बग़दाद में सुरक्षा व्यवस्था कायम करने में कुछ वक्त लगेगा.

राष्ट्रपति बुश ने कहा कि वहाँ हिंसा जारी रह सकती है लेकिन अमरीका के लिए इराक़ में सफल होना बेहद आवश्यक है.

उनका कहना था,'' यदि हम वहाँ असफल होते हैं तो मेरा मानना है कि दुश्मन हमारे पीछे आएगा.''

इराक़ी नीति की आलोचना

इधर नए अभियान के लिए हज़ारों अमरीकी सैनिक बग़दाद पहुँचने शुरू हो गए हैं जहाँ वे इराक़ी सेना की मदद से हमलों को रोकने की कोशिश करेंगे.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने साढ़े 21 हज़ार और सैनिक इराक़ भेजने की घोषणा की थी लेकिन अमरीकी संसद में उन्हें कड़े प्रतिरोध का सामना करना पड़ रहा है.

अमरीकी संसद कांग्रेस की प्रतिनिधि सभा में मंगलवार को राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की इराक़ सुरक्षा योजना पर चर्चा शुरू हुई और बहस में बुश प्रशासन की कड़ी आलोचना हुई है.

प्रतिनिधि सभा की अध्यक्ष और डेमोक्रेटिक पार्टी की नेता नैन्सी पलोसी का कहना था, "अमरीकी लोगों को इराक़ में राष्ट्रपति बुश की नीति पर भरोसा नहीं रहा और वे नई दिशा की माँग कर रहे हैं."

पलोसी का कहना था कि समझ नहीं आ रहा कि इराक़ में अमरीकी सैनिकों की तैनाती कब ख़त्म होगी.

हालांकि अमरीकी प्रतिनिधि सभा में पारित प्रस्ताव राष्ट्रपति बुश पर बाध्यकारी नहीं होगा.