मंगलवार, 13 फ़रवरी, 2007 को 23:37 GMT तक के समाचार
सेंट पीटर्सबर्ग में रूसी सेना में भर्ती होने वाले नए सैनिकों के यौन शोषण के आरोपों की जाँच चल रही है.
बताया जा रहा है कि इन आरोपों की जाँच की जा रही है कि क्या सेना के जवानों का वेश्याओं के रूप में इस्तेमाल किया गया.
ये आरोप सैनिकों के अधिकारों की वकालत करने वाले एक संगठन ने लगाए हैं, संगठन का कहना है कि उनके पास एक सैनिक की माँ की शिकायत आई है जिसमें कहा गया था कि उनके बेटे का यौन शोषण किया जा रहा है.
पिछले वर्ष 18 वर्ष सैनिक आंद्रे सचेयेव को इतनी बुरी तरह पीटा गया था कि उसके पैरों और गुप्तांगों को काटकर शरीर से हटाना पड़ा था.
मॉस्को से बीबीसी के संवाददाता जेम्स रॉजर्स का कहना है कि इन ताज़ा आरोपों से रूसी सेना की छवि को भारी धक्का लगा है.
आरोप लगाने वाले संगठन सोल्ज़र्स मदर्स की प्रवक्ता एला पोल्याकोवा का कहना है कि 'ऐसे ग्राहकों का एक पूरा नेटवर्क था जो सैनिकों का इस्तेमाल वेश्यावृत्ति के लिए कर रहे थे.'
आरोप है कि सेना के वरिष्ठ लोग युवा सैनिकों को वेश्यावृत्ति के लिए मजबूर करके उससे होने वाली आय अपनी जेब में भर रहे थे.
आंद्रे सचेयव के शोषण और उत्पीड़न की कहानी ने पूरी दुनिया का ध्यान रूसी सेना की स्थिति की ओर खींचा है.
युवा सैनिक सचेयव को घंटों घुटनों के बल बिठाकर रखा गया और कुर्सी पर बांधकर उन्हें बेरहमी से पीटा गया.
इस अत्याचार की वजह से उनके पैरों और गुप्तांग में गैंगरीन हो गया और उन्हें काटना पड़ा.
अब चलने फिरने में पूरी तरह अक्षम हो चुके सचेयेव ने कहा है कि वे इस यातना के बारे में एक किताब लिखेंगे.