शुक्रवार, 09 फ़रवरी, 2007 को 22:58 GMT तक के समाचार
अमरीकी रक्षा मंत्रालय पेंटागन की एक जाँच से ऐसे संकेत मिलते हैं कि युद्ध से पहले इराक़ के बारे में मिली ख़ुफ़िया सूचनाओं को तोड़ मरोड़ कर पेश किया गया.
अमरीकी सीनेट की सैन्य सेवा कमेटी के चेयरमैन कार्ल लेविन का कहना है कि तथ्यों से खिलवाड़ सद्दाम हुसैन और अल क़ायदा के बीच संबंध स्थापित करने के लिए किया गया.
इस रिपोर्ट को पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल थॉमस गिम्बल ने पेश किया है.
सारे विवादों के केंद्र में पूर्व रक्षा उपमंत्री डगलस फीथ आ गए हैं कि क्या वो इराक़ युद्ध से पहले एक अलग ख़ुफ़िया अभियान चला रहे थे जो एक अलग निष्कर्ष की ओर इशारा कर रहा था.
गिम्बल का कहना है कि फीथ के कार्यालय ने ग़ैर क़ानूनी तरीके से काम नहीं किया लेकिन इसकी कुछ गतिविधियाँ ठीक नहीं थीं.
सच्चाई से मेल नहीं
लेविन ने इंस्पेक्टर जनरल से बार-बार पूछताछ की जिसमें बताया गया कि फीथ जिन निष्कर्षों तक पहुँचे थे उनका उपलब्ध ख़ुफ़िया सूचनाओं से कोई तालमेल नहीं बैठता.
ख़ास कर इस बात को जायज़ नहीं ठहराया जा सकता कि इराक़ और अल क़ायदा के बीच 'गहरे और एक दूसरे पर आश्रित रहने' जैसे संबंध थे.
एक चौंकाने वाला तथ्य यह उभर कर सामने आया है कि 9/11 की घटना के मुख्य सूत्रधार मोहम्मद अट्टा और एक इराक़ी ख़ुफ़िया अधिकारी के बीच बैठक की जो बात कही गई थी, वो कभी हुई ही नहीं थी.
डेमोक्रैट सीनेटर लेविन का कहना है कि इससे साबित होता है कि लड़ाई से पहले ख़ुफ़िया सूचनाओं से खिलवाड़ किया गया.
वहीं फीथ के समर्थकों का कहना है कि उन्होंने जो ब्योरा दिया था उसे ख़ुफ़िया संकलन की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता और इंस्पेक्टर जनरल किसी अवैध गतिविधि को साबित नहीं करने में सफल नहीं हुए हैं.