सोमवार, 05 फ़रवरी, 2007 को 23:22 GMT तक के समाचार
अमरीकी सीनेट में रिपब्लिकन सांसदों को उस प्रस्ताव पर बहस रोकने में सफलता मिली है जिसमें इराक़ में सेना भेजने के सरकार के फ़ैसले का विरोध किया गया था.
राष्ट्रपति बुश की रिपब्लिकन पार्टी ने इस प्रस्ताव पर बहस रोकने के लिए आवश्यक वोट जुटा लिए और बहस नहीं हो सकी.
इस प्रस्ताव के तहत राष्ट्रपति से कहा गया था कि वो इराक़ में और सेनाएं भेजने की बजाय अन्य विकल्पों पर विचार करें.
इससे पहले राष्ट्रपति बुश ने वार्षिक बजट योजना के तहत इराक़ और अफ़गानिस्तान में सैन्य अभियान के लिए दो सौ अरब डॉलर की मांग की थी.
उल्लेखनीय है कि अमरीका ने पिछले दिनों इराक़ में 21 हज़ार पांच सौ और सैनिक भेजने का फ़ैसला किया है.
सीनेट में बहुमत वाली डेमोक्रेटिक पार्टी के नेता हैरी रीड का कहना है कि इराक़ में बढ़ती हिंसा और अमरीकी हस्तक्षेप का समर्थन अमरीका की जनता नहीं करती है.
रीड ने राष्ट्रीय बजट में स्वास्थ्य सेवाओं में कटौती के बारे में कहा कि यह अमरीकी नागरिकों की ज़रुरतों के अनुरुप नहीं है.
रिपब्लिकन सांसद जॉन वार्नर ने ही यह प्रस्ताव रखा था जिसके मसौदे पर हफ्ते भर की राजनीतिक सौदेबाज़ी के बाद सहमति बनी थी.
हालांकि इसके बाद भी उम्मीद की जा रही थी कि कई सांसद अपने सुझाव दे सकते हैं क्योंकि सांसदों को प्रशासन की आलोचना करते हुए अमरीकी सेना को आलोचना से बचाए रखना है.
कई रिपब्लिकन सांसद इस प्रस्ताव के पक्ष में थे लेकिन इसका विरोध करने वाले रिपब्लिकन सांसदों की संख्या इतनी हो गई कि वो बहस को रोकने में सफल रहे.
सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी के नेता मिच मैकोनेल का कहा था कि ऐसे प्रस्ताव के संबंध में व्हाइट हाउस की बाध्यता न हो तो भी इससे अमरीकी सेना को गलत संदेश जाएगा.
रक्षा मंत्री राबर्ट गेट्स समेत कई वरिष्ठ अधिकारियों ने मैकोनेल का समर्थन किया था.
बीबीसी संवाददाताओं का कहना है कि भले ही प्रस्ताव पर बहस न हुई हो लेकिन ऐसा प्रस्ताव लाया जाना दर्शाता है कि आने वाले दिनों में राष्ट्रपति बुश को इराक़ मसले पर बार बार कांग्रेस के हस्तक्षेप का सामना करना पड़ेगा.
इराक़ में हिंसा
अमरीका में जहां सैनिक भेजने पर बहस हो रही है वहीं इराक़ में स्थिति बिगड़ती जा रही है.
हिंसा की ताज़ा घटनाओं में बग़दाद में 47 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और सौ से अधिक लोग घायल हुए हैं.
सोमवार को कार बम विस्फोटों में ये मौते हुई हैं. उल्लेखनीय है कि बग़दाद की सुरक्षा बढ़ाने के लिए सोमवार से इराकी और अमरीकी सेनाएं एक नए कमान केंद्र का काम शुरु कर रही थीं.