सोमवार, 05 फ़रवरी, 2007 को 16:09 GMT तक के समाचार
इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता में आई बाढ़ से अब तक 29 लोगों की मौत हो चुकी है और अधिकारियों ने बीमारी फैलने की आशंका जताई है.
एक अधिकारी ने कहा है कि बाढ़ के चलते डायरिया जैसी बीमारियाँ फैल सकती हैं.
भारी बारिश के चलते आई बाढ़ से जकार्ता में तीन से चार लाख लोग अपना घर छोड़कर जा चुके हैं.
हालांकि कुछ इलाकों से पानी कम हो गया है पर अभी और बारिश का पूर्वानुमान है.
90 लाख की आबादी वाले जर्काता शहर के ज़्यादातर हिस्से बाढ़ से प्रभावित हुए हैं.
बीमारी फैलने का डर
पुलिस प्रवक्ता केतुत योग अना ने बताया कि पानी में डूबने या बहने के अलावा कई लोग करंट लगने से भी मारे गए हैं.
अधिकारियों का कहना है कि साफ़-सफ़ाई के अभाव में महामारी फैलने का ख़तरा बना हुआ है.कई इलाकों में बिजली और पानी की सप्लाई ठप्प पड़ी है.
इंडोनेशिया के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा है, "हम जानते हैं कि जो हालात हैं उसमें लोगों को साफ़ पानी मिलना मुशकिल है."
रॉयटर्स ने एक अधिकारी के हवाले से लिखा है कि अब तक करीब पचास हज़ार लोगों ने डायरिया और खाँसी जैसी बीमारियों के लिए इलाज करवाया है.
राहत कार्य
बाढ़ से पहले जकार्ता शहर डेंगू पीड़ितों से जूझ रहा था. एक अधिकारी के मुताबिक बाढ़ के चलते बर्ड फ़्लू के मामलों से निपटने में मुशकिल आएगी.
इंडोनेशिया मे बर्ड फ़्लू से अब तक 63 लोग मारे जा चुके हैं.
चिकित्सा दल रबर राफ़टों के सहारे बाढ़ प्रभावित इलाक़ों में जाकर काम कर रहे हैं. हज़ारों की संख्या में सैनिक और पुलिस बल भी राहत कार्यों में लगे हुए हैं.
प्रशासन पर आरोप लग रहे हैं कि इस आपदा को रोकने के लिए और क़दम उठाए जा सकते थे.
जकार्ता पोस्ट ने लिखा है, "लगता है कि 2002 में आई बाढ़ से कोई सबक नहीं लिया गया है."
लेकिन जकार्ता के गवर्नर सुतीयोशो ने कहा है कि बाढ़ एक प्राकृतिक आपदा है और इस तरह आरोप लगाने का कोई मतलब नहीं है.
पिछले पाँच सालों में जकार्ता में आई ये सबसे भीषण बाढ़ है.