http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 03 फ़रवरी, 2007 को 17:15 GMT तक के समाचार

इराक़ में भीषण विस्फोट, 130 की मौत

इराक़ की राजधानी बग़दाद में भीषण बम विस्फोट में कम से कम 130 लोग मारे गए हैं और 300 से अधिक लोग घायल हो गए हैं. ये धमाका ट्रक में भरे विस्फोटकों से किया गया.

इन बम धमाकों को इस साल का सबसे भीषण बम हमला कहा जा रहा है.

विस्फोट इतना ज़बरदस्त था कि ज़मीन में बड़ा गड्ढा बन गया और आस-पास की दुकानों ढह गईं.

बग़दाद में बम धमाका

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने हमले के लिए सद्दाम हुसैन के समर्थकों और चरमपंथियों को ज़िम्मेदार ठहराया है.

व्हाइट हाउस ने इस हमले की निंदा की है और कहा है कि एक बार फिर निर्दोष लोगों को निशाना बनाया गया है.

हमले से पहले ही शिया समुदाय के बड़े नेता अली अल सिस्तानी ने लोगों से जातीय हिंसा छोड़ने की अपील की थी.

बाज़ार में धमाका

अधिकारियों का कहना है कि विस्फोटकों से भरा एक ट्रक एक व्यस्त बाज़ार में खड़ा किया गया था और भीड़ के समय उसमें धमाका कर दिया गया.

यह विस्फोट बग़दाद के शिया बहुल इलाक़े अल सदरिया में हुआ है जो शहर के बीच में पड़ता है.

हाल के समय में बग़दाद के केंद्रीय इलाक़ों में अनेक व्यस्त बाज़ारों को इस तरह के बम धमाकों का निशाना बनाया गया है.

राजधानी बग़दाद में मौजूद बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि चरमपंथियों ने अमरीकी और इराक़ी सुरक्षा बलों का अभियान शुरू होने से पहले ही अपनी गतिविधियाँ तेज़ कर दी हैं.

बग़दाद के अलावा उत्तरी शहर किरकुक में भी कई कार बम धमाके हुए हैं जिनमें कम से कम पाँच लोगों की मौत हो गई.

इन कार बम हमलों में कुर्दिश पार्टियों के दफ़्तरों की इमारतों को ख़ास निशाना बनाया गया.

पुलिस ने कहा है कि एक अन्य उत्तरी शहर समारा में कुछ बंदूकधारियों ने एक पुलिस चौकी पर छह पुलिसकर्मियों को मार दिया. इस गोलीबारी में छह पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं.

समारा में शिया मुसलमानों की एक पवित्र दरगाह है और इस पर एक साल पहले भी भीषण हमला हुआ था जिसके बाद शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच जातीय दंगे भड़क उठे थे.

इराक़ में शिया और सुन्नी मुसलमानों के बीच जातीय हिंसा में हज़ारों लोगों की जान जा चुकी है.