शनिवार, 03 फ़रवरी, 2007 को 22:36 GMT तक के समाचार
गज़ा में हुई ताज़ा हिंसा के बाद विरोधी फ़लस्तीनी संगठनों हमास और फ़तह ने एक बार फिर संघर्ष विराम का आह्वान किया है.
फ़लस्तीनी गृह मंत्री सईद सेयाम ने बताया कि दोनों गुट सड़कों से अपने समर्थकों को वापस बुलाने और चेकपोस्ट नष्ट करने पर सहमत हुए हैं.
लेकिन गज़ा स्थित बीबीसी सवंददाता का कहना है कि शुक्रवार को भी दोनों के बीच सुलह सफाई हो गई थी लेकिन इसके बावजूद झड़पें हुईं जिनमें 23 लोग मारे गए और 200 से ज़्यादा घायल हुए हैं.
झड़पें
फ़लस्तीनी क्षेत्र ग़ज़ा में नए संघर्ष विराम के बावजूद फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी और फ़लस्तीनी प्रशासन पर सत्तारूढ़ संगठन हमास के बीच रुक-रुक कर लड़ाई जारी रहने की ख़बरें हैं.
ताज़ा झड़पों में कम से कम आठ लोग घायल हुए हैं, हालाँकि कुछ इलाक़ों में शांति भी बहाल हुई है.
शुक्रवार को नए संघर्ष विराम से पहले के चौबीस घंटों में 22 लोग मारे गए थे और 200 लोग घायल हो गए थे.
मध्य पूर्व में मध्यस्थता कर रहे चार देशों - अमरीका, रूस, संयुक्त राष्ट्र और यूरोपीय संघ के गुट ने ग़ज़ा में हिंसा के स्तर पर 'गहरी चिंता' जताई है.
तनाव
फ़लस्तीनी क्षेत्र में मौजूद बीबीसी संवाददाता ने बताया कि गज़ा शहर में तनाव बरक़रार है.
ग़ज़ा शहर के मध्य में हमास का गढ़ माने जाने वाली एक इस्लामिक यूनीवर्सिटी परिसर में हिंसक झड़पों में मशीन गन और भारी गोलीबारी का इस्तेमाल हुआ है.
हमास और फ़तह के बंदूकधारियों ने यूनिवर्सिटी परिसर के आसपास की इमारतों से एक-दूसरे पर गोलियाँ चलाईं इस कारण यूनिवर्सिटी के कर्मचारियों को बचाव के लिए इधर-उधर भागना पड़ा.
हालाँकि शुक्रवार की रात किसी भी पक्ष ने बड़ा हमला नहीं किया और कुल मिलाकर शहर की स्थिति में काफ़ी सुधार हुआ है.
शनिवार को मिली ख़बरों के अनुसार ग़ज़ा शहर के बाहर के इलाक़ों में स्थिति शांतिपूर्ण है और दक्षिणी क्षेत्र में स्कूल फिर से खुलने लगे हैं.
शुक्रवार को दोनो पक्षों के नेताओं ने अपने लड़ाकों को हटा लेने का वादा किया था और नाकेबंदी हटाने का भी भरोसा दिलाया था लेकिन अभी तक ये वादा पूरा नहीं हुआ है और आगे भी झड़पों की आशंका बरक़रार है.
इस बीच ख़बर है कि फ़लस्तीनी राष्ट्रपति और फ़तह संगठन के प्रमुख महमूद अब्बास और हमास के राजनीतिक प्रमुख ख़ालिद मशाल संघर्ष समाप्त करने के प्रयासों के तहत मंगलवार को सऊदी अरब में नेताओं से मुलाक़ात करेंगे.
हमास और फ़तह एक राष्ट्रीय एकता वाली सरकार बनाने के लिए महीनों से प्रयास कर रहे हैं.
बातचीत
इस बीच मध्य पूर्व में शांति वार्ताकारों के समूह की तरफ़ से जारी बयान में संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की मून ने कहा, "चार पक्षों का गुट चाहता है कि फ़लस्तीनी क्षेत्र में राष्ट्रीय एकता की सरकार बने जो शांति के लिए काम करे, इसराइल को मान्यता दे और पूर्व समझौतों को स्वीकार करे."
चार पक्षों के इस गुट ने फिर दोहराया कि इसराइल को मान्यता देने और हिंसा बंद होने तक हमास सरकार को मदद बंद रहेगी हालाँकि रूस ने इसका विरोध किया है. रूस के विदेश मंत्री सर्गेइ लावरोव ने कहा कि इन प्रतिबंधों के 'नतीजे उल्टे' होंगे.