शनिवार, 03 फ़रवरी, 2007 को 16:55 GMT तक के समाचार
ममता गुप्ता और महबूब ख़ान
लंदन
आइफ़िल टावर कहाँ है, इसकी ऊँचाई कितनी है, इसे किसने कब और क्यों बनाया. ये सवाल भेजे हैं, गांधी टोला, गोड्डा झारखंड से मनोज कुमार पंडित, रामपुर, मधेपुरा बिहार से ज़फ़र अहमद और हरिद्वार उत्तरांचल से बीना ने.
आइफ़िल टावर, फ़्रांस की राजधानी पेरिस में कैम्प डि मार्स पर बनी एक मीनार है जिसे फ़्रांस का प्रतीक माना जाता है. लोहे की इस मीनार की ऊँचाई 986 फ़िट और उसपर लगे टीवी ऐंटिना समेत 1058 फ़िट है. 1889 में जब यह बनकर तैयार हुई तो दुनिया की सबसे ऊंची इमारत थी. इसका निर्माण फ़्रांस की क्रान्ति की शताब्दी मनाने के लिए किया गया था. इसके रचनाकार थे गुस्ताफ़ आइफ़िल. लगभग 300 मज़दूरों ने लोहे के 18038 टुकड़े जोड़कर कोई तीन साल में इसे खड़ा किया. लोहे को ज़ंग न लगे इसलिए हर सात साल में इसपर रंग रोगन लगाया जाता है. आइफ़िल टावर पर्यटकों का सबसे बड़ा आकर्षण है और हर साल कोई 55 लाख पर्यटक इसे देखने आते हैं.
जालंधर, पंजाब से रवि यह जानना चाहते हैं कि क्या हमें मांस खाना चाहिए. क्या यह स्वास्थ्य के लिए बेहतर है और क्या इसमें दाल सब्ज़ी से अधिक विटामिन होते हैं.
पहले यह माना जाता था कि शाकाहार में पर्याप्त पोषक तत्व नहीं होते. लेकिन यह एक भ्रांति मात्र है. आप चाहे मांसाहारी हों या शाकाहारी ज़रूरत इस बात की है कि आपका आहार संतुलित हो. हमारे शरीर को विटामिन, खनिज, कार्बोहाइड्रेट, चर्बी सबकी ज़रूरत होती है. आटा, चावल और अन्य अनाजों से हमें प्रोटीन और आयरन मिलता है, दालों से प्रोटीन, विटामिन, कैल्शियम और आयरन, दूध-दही, मांस-मछली, अंडों आदि से प्रोटीन, चर्बी, कैल्शियम और विटामिन मिलते हैं, फल सब्ज़ी से विटामिन, खनिज और कैल्शियम और तेल, घी, चीनी और गुड़ से चर्बी और शक्ति मिलती है. तेल घी और मीठे को सीमित मात्रा में प्रयोग करना चाहिए लेकिन प्रतिदिन आपको फल-सब्ज़ी काफ़ी खाना चाहिए.
विश्व विकलांग दिवस किस तारीख़ को और किस महीने में मनाया जाता है. मोहनपुर चौक, सीतामढ़ी बिहार से दिनेश कुमार, राजा सिंह, उमेश, मुनि, महेश, संजय और मनोज.
विश्व विकलांग दिवस 3 दिसंबर को मनाया जाता है. इसका औपचारिक नाम है इंटरनेशनल डे ऑफ़ डिसेबल्ड पर्सन्स. इसका उद्देश्य विकलांगता से जुड़े मामलों की समझ बढ़ाना और विकलांग लोगों की गरिमा, उनके अधिकार और कल्याण के लिए समर्थन जुटाना है जिससे उनका राजनीतिक, सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक जीवन में सामंजस्य हो सके. इसकी स्थापना वर्ल्ड प्रोग्राम ऑफ़ ऐक्शन कन्सर्निंग डिसेबल्ड पर्सन्स ने की थी और 1982 में संयुक्त राष्ट्र की महासभा ने इसे अपनाया.
गांव निनावां, सुल्तानपुर उत्तर प्रदेश से मोहम्मद ज़मीर सिद्दीक़ी यह जानना चाहते हैं कि भारत में सांसदों की कितनी सीटें हैं.
भारत की संसद के निचले सदन लोकसभा में कुल 552 सीटें हैं जिनमें से दो का मनोनयन राष्ट्रपति ऐंग्लोइंडियन समुदाय से करते हैं और बाक़ी सीटों के लिए सीधा चुनाव होता है. इनमें से 530 का चयन राज्यों से और 20 का चयन केंद्र शासित प्रदेशों से किया जाता है. ऊपरी सदन राज्यसभा की कुल 250 सीटे हैं जिनमें से 12 सदस्यों का मनोनयन राष्ट्रपति करते हैं और बाक़ी 238 का चयन राज्य विधान-सभाओं के सदस्यों द्वारा किया जाता है.
साहेबगंज छपरा सारण बिहार से मोहम्मद समी क़ुरैशी पूछते हैं कि ऑस्ट्रेलिया के प्रथम राष्ट्रपति का नाम क्या था.
क़ुरैशी साहब ऑस्ट्रेलिया में यह पद नहीं होता क्योंकि ब्रिटन की महारानी ऐलिज़ाबैथ द्वितीय, ऑस्ट्रेलिया की भी महारानी हैं. और उनका प्रतिनिधित्व करने के लिए वहां गवर्नर जनरल की नियुक्ति होती है. ऑस्ट्रेलिया एक लोकतान्त्रिक संघीय गणराज्य है. यहां आम चुनाव के ज़रिए संसद का चयन होता है और प्रधानमंत्री सरकार के मुखिया होते हैं.
ए डी और बी सी शब्द का पूरा रूप क्या है और इसका हिंदी में क्या अर्थ होता है. ग्राम महमदी, पूर्वी चम्पारण बिहार से मोद नारायण झा.
ए डी का पूरा रूप है ऐनो डॉमिनी जो लैटिन भाषा का शब्द है. इसका अर्थ है ईसा के जन्म का वर्ष. और बी सी का पूरा रूप है बिफ़ोर क्राइस्ट याना ईसा के जन्म से पहले.
मयूर विहार दिल्ली के रवि शर्मा ने पूछा है कि ऑयल पूल घाटा क्या होता है और इसका आकलन कैसे किया जाता है.
तेल की उपलब्धता और उसकी खपत के बीच जो कमी होती है उसे तेल पूल घाटा कहा जाता है. इसका मूल्यांकन सरकार दो तरह से करती है एक तो आपूर्ति और मांग के बीच तेल की कमी को आंक कर और दूसरा तेल की बाज़ार में क़ीमत और उपभोक्ता को दी जा रही रियायत के बीच की दूरी को देखकर. भारत में तेल की क़ीमतें सरकार तय करती है. मिट्टी का तेल, डीज़ल और खाना पकाने की गैस जैसे पैट्रोलियम उत्पादों पर सरकार रियायत देती है. मान लीजिए गैस का सिलैंडर आम उपभोक्ता को 257 रुपए का मिल रहा है लेकिन बाज़ार में उसकी क़ीमत 357 रुपए है. ये बीच के 100 रुपए सरकार देती है. इसतरह इस वित्तीय घाटे को भी आंका जाता है. तो तेल पूल घाटा तेल की कमी और वित्तीय दूरी के आधार पर तय किया जाता है.