शुक्रवार, 02 फ़रवरी, 2007 को 21:22 GMT तक के समाचार
आपको जानकर भले ही ताज्जुब हो, पर ये सच है कि आम तौर पर ख़तरनाक मानी जाने वाली जर्मन प्रजाति (रॉटवीलर) की एक कुतिया दो मेमनों की देखभाल कर रही है.
लकी और चार्म नाम के दोनों मेमने किसी बीमारी के साथ पैदा हुए थे लेकिन रॉटवीलर मॉली ने उन्हें माँ की तरह प्यार दिया है.
मॉली के मालिक मारिया फॉस्टर बताती हैं कि मॉली रात में दोनों मेमनों के साथ ही सोती है और दूसरे जानवरों से उनकी रक्षा करती है.
लकी और चार्म दोनो अब तेज़ी से ठीक हो रहे हैं और उन्हें दस दिनों के भीतर एक खेत में छोड़ दिया जाएगा.
फॉस्टर बताती हैं कि दोनो मेमनों को पैदा होने के बाद चलने में दिक्क़त हो रही थी और उन्हें किसी के सहारे की ज़रुरत थी.
पैदा होने के बाद उनके शरीरी को गर्मी पहुँचाने की ज़रूरत महसूस हुई. तब मॉली ने दोनों को प्यार से चाटना शुरू कर दिया.
फॉस्टर बताती हैं, "किसी मेमने के लिए शुरुआती 12 से 24 घंटे काफ़ी अहम होते हैं. अगर मॉली वो सब नहीं करती जो उसने किया तो हमें रात भर मेमनों की मालिश करनी पड़ती."
वो कहती हैं, हो सकता था मॉली उनमें दिलचस्पी नहीं दिखाती, लेकिन उसने बेहतरीन काम किया.
अब लकी और चार्म के लिए 11 महीने की मॉली माँ जैसी हो गई है. फॉस्टर बताती हैं, "एक रात बिल्ली रसोई में घुस आई और उस बाल्टी के उपर चढ़ गई जिसमें मेमने सो रहे थे लेकिन मॉली ने उसे भगा दिया."
फॉस्टर कहती हैं कि अब लकी और चार्म को उनकी माँ के पास नहीं भेजा जा सकता क्योंकि दोनों मॉली के साथ काफी घुलमिल गए हैं.