गुरुवार, 01 फ़रवरी, 2007 को 06:38 GMT तक के समाचार
अमरीका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ईरान को चेतावनी दी है कि वो इराक़ में चरमपंथियों को मदद देना बंद करे.
उपविदेश सचिव निकोलस बर्न्स ने कहा है कि अमरीकी सेना ने कई ईरानियों को हिरासत में लिया है जिन पर शिया चरमपंथी समूहों को हथियार संबंधी प्रौद्योगिकी देने का शक है.
उन्होंने कहा कि बग़दाद के दक्षिणी इलाक़े बसरा में ईरान चरमपंथियों की मदद कर रहा है जिसके कारण बड़ी संख्या में अमरीकी सैनिक मारे जा रहे हैं.
इराक़ में बढ़ती हिंसा को लेकर अमरीका कई बार ईरान को चेतावनी दे चुका है.
अमरीका के एक रेडियो को दिए इंटरव्यू में बर्न्स ने कहा ' हमने कई ऐसे लोगों को गिरफ्तार किया है जिन पर शक है कि वो अमरीकी सैनिकों को मारने के लिए शिया चरमपंथियों को विशेष किस्म के हथियार और प्रौद्योगिकी दे रहे हैं. '
अमरीका का कहना है कि ईरान के लोग इराक़ में चरमपंथियों को विशेष प्रकार के बम बनाने की तकनीक दे रहे है जिससे अमरीकी बलों को नुकसान हो रहा है.
बर्न्स का कहना है कि अमरीका पिछले दो वर्षों से इराक़ में ईरान की संलिप्तता पर नज़र रखे हुए है और उसके पास सबूत हैं कि ईरान इराक में चरमपंथी गतिविधियों को बढ़ाने में मदद कर रहा है.
जनवरी के महीने में अमरीकी सैनिकों ने पांच ईरानियों को गिरफ्तार करते हुए कहा था कि ये ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स से जुड़े हैं जो शिया चरमपंथियों की मदद कर रहे हैं.
उधर ईरान ने कहा था कि गिरफ्तार किए गए ईरानी उनके कूटनीतिक हैं.
पिछले कुछ दिनों में अमरीका ने एक बार फिर ईरान के ख़िलाफ तेवर कड़े कर दिए हैं.
इससे पहले देश के नाम संबोधन में राष्ट्रपति बुश ने ईरान पर हिज्बुल्ला के चरमपंथियों को हथियार देने का आरोप लगाते हुए कहा था कि दुनिया ईरान को परमाणु हथियार बनाने की अनुमति नहीं दे सकता.
इराक़ में हिंसक घटनाओं में लगातार होती बढ़ोतरी के साथ ही अमरीका वहां और अधिक सैनिक भेज रहा है.