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मंगलवार, 30 जनवरी, 2007 को 20:24 GMT तक के समाचार

'इराक़ में नए अमरीकी लक्ष्य की ज़रुरत'

मध्यपूर्व में अमरीका सेना का नेतृत्व करने के लिए मनोनीत किए गए नए कमांडर एडमिरल विलियम फ़ैलन ने कहा है कि इराक़ में नए लक्ष्य तय करने की ज़रुरत है.

एडमिरल विलियम फ़ैलन अब तक अमरीकी नौसेना का कमान संभाल रहे थे.

संसद की सैन्य समिति के सामने अपनी बात रखते हुए एडमिरल फ़ैलन ने कहा कि अमरीका की रणनीति इराक़ में कारगर साबित नहीं हो रही थी और इसमें परिवर्तन के लिए समय भी बहुत कम था.

नियमानुसार नियुक्ति के पहले संसदीय समिति के सामने अपनी बात रखने के लिए एडमिरल फ़ैलन को बुलवाया गया था.

उन्होंने कहा कि अमरीका ने इराक़ी सरकार को लेकर ग़लत आकलन किया और यह मान लिया कि सरकार वहाँ की जातीय हिंसा से निपटने के लिए स्थानीय लड़ाकों से निपटेगी.

यदि विलियम फ़ैलन को इस पर नियुक्त करने का फ़ैसला किया जाता है तो वे इराक़ में साढ़े इक्कीस हज़ार अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती भी देखेंगे.

उन्होंने संसदीय समिति से वादा किया है कि हासिल किए जा सकने वाले लक्ष्यों का एक आकलन पेश करेंगे.

उनका कहना है कि वे अपने लक्ष्यों का निर्धारण करते हुए न सिर्फ़ सैन्य कमांडरों से बात करेंगे बल्कि राजनयिकों से भी बात करेंगे.

एडमिरल फ़ैलन का कहना है कि यह संभव है कि अमरीका इराक़ में अपने लक्ष्यों को फिर से निर्धारित करे.

हिंसा

एडमिरल फ़ैलन का बयान ऐसे दिन में आया है जब इराक़ में हिंसा से भरा एक और दिन बीता है.

अशूरा के मौक़े पर इराक़ में एक के बाद एक हुए कई हमलों में कम से कम 46 लोग मारे गए हैं और कोई 90 लोग घायल हुए हैं.

सबसे भीषण हमला बालदुर्ज के एक शिया मस्जिद के सामने हुए जब वहाँ इकट्ठा हुए लोगों के बीच एक आत्मघाती हमलावर ने ख़ुद को विस्फोट से उड़ा लिया.

बग़दाद के उत्तर पूर्व में हुए इस हमले में 23 लोगों की जानें गईं.

इसी इलाक़े में हुए एक और हमले में 13 लोग मारे गए. जबकि 10 लोगों की मौत बग़दाद में ही हुए हमलों में हुई.