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शुक्रवार, 26 जनवरी, 2007 को 21:21 GMT तक के समाचार

'ईरान से ख़तरे' के ख़िलाफ़ बुश के आदेश

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इराक़ में तैनात अपनी सेना को ईरान से मिल रहे ख़तरों के ख़िलाफ़ सभी ज़रूरी कार्रवाई करने के आदेश दिए हैं.

बुश ने इराक़ में अतिरिक्त सैनिक टुकड़ियाँ भेजने के फ़ैसले पर पुनर्विचार करने की डेमोक्रैटिक पार्टी की माँग को ठुकराते हुए कहा है कि 'कमांडर इन चीफ' होने के नाते इस तरह का फ़ैसला वही कर सकते हैं.

उधर इराक़ के उपराष्ट्रपति अदेल अब्दुल महदी ने कहा है कि आंतरिक शांति के लिए ईरान के साथ बेहतर संबंध ज़रूरी हैं. उन्होंने कहा कि स्थिति नियंत्रण से बाहर न जाए, इसके लिए ज़रूरी है कि ईरान के साथ अमरीका और इराक़ के अच्छे रिश्ते हों.

उन्होंने स्पष्ट किया कि इराक़ इस बात का समर्थन नहीं करता कि उसकी धरती का इस्तेमाल अमरीकी सेना किसी ईरानी की हत्या के लिए करे.

आदेश

वाशिंगटन में अमरीकी राष्ट्रपति बुश से जब पत्रकारों ने ये पूछा कि क्या इराक़ में सक्रिय ईरानी एजेंटों को मारने के आदेश दिए गए हैं, तो उन्होंने जवाब दिया कि अगर कोई भी अमरीकी सैनिकों को नुकसान पहुँचाने या निर्दोष लोगों की हत्या करने की कोशिश करता है, तो उसे ऐसा नहीं करने दिया जाएगा.

हालाँकि उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमरीकी सेना को ईरान की सीमा के भीतर जाकर कार्रवाई करने का सुझाव दिया गया है.

बुश ने कहा कि ईरान के साथ कूटनीतिक स्तर पर बातचीत के ज़रिए समाधान का रास्ता खुला हुआ है.

अमरीकी राष्ट्रपति ने साफ किया कि इराक़ में लगभग बीस हज़ार अतिरिक्त सैनिक भेजने से उन्हें रोकने की अमरीकी संसद की कोशिश को वो अनसुना कर देंगे.

नई इराक़ नीति पर विपक्ष के निशाने पर आए बुश ने कहा कि इराक़ में विफलता अमरीका के लिए घातक साबित होगा.

इराक़ का रूख़

इस बीच इराक़ के उपराष्ट्रपति अदेल अब्दुल महदी ने दावोस में बीबीसी से कहा कि ईरान से बातचीत का रास्ता रोकना उनके देश के हित में नहीं है.

उन्होंने कहा कि ऐसा होने पर इराक़ में अमरीका और ईरान के बीच 'परोक्ष युद्ध' शुरू हो सकता है.

महदी ने कहा कि इस स्थिति में इराक़, ईरान और अमरीका तीनों का नुकसान होगा.

उनकी राय में ईरान को इराक़ के साथ बेहतर संबंध बनाने का अवसर दिया जाना चाहिए. हालाँकि इसके लिए इराक़ी संप्रभुता का सम्मान पूर्व शर्त होगी.