गुरुवार, 25 जनवरी, 2007 को 17:24 GMT तक के समाचार
इसराइली संसद ने राष्ट्रपति मोशे कत्साव की उस गुज़ारिश को मंज़ूरी दे दी है जिसमें उन्होंने अपने ऊपर लगे बलात्कार और अन्य अपराधों के आरोपों का सामना करने के लिए कुछ दिन की छु्ट्टी माँगी थी.
हालाँकि गुरूवार को यह मंज़ूरी बहुत मामूली अंतर से ही मिली और बहुत से सांसदों ने यह जानने के लिए अनेक क़ानूनी दस्तावेज़ों का भी अध्ययन किया कि राष्ट्रपति को कुछ दिन की छुट्टी दिए जाने की सिफ़ारिश करने के क्या नतीजे हो सकते हैं.
संसद की समिति की यह मंज़ूरी बहुत मामूली अंतर से मिली और छुट्टी देने के प्रस्ताव के समर्थन में 13 और विरोध में 11 सांसदों के मत पड़े.
राष्ट्रपति पर लगे बलात्कार, यौन प्रताड़ना और सत्ता का दुरुपयोग करने जैसे आरोप लगने के मामले ने इसराइली राजनीति में हलचल मचा दी है. यहाँ तक कि प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट को भी राष्ट्रपति से इस्तीफ़ा देने की मांग कर डाली है.
राष्ट्रपति मोशे कत्साव ने बुधवार को संवाददाता सम्मेलन आयोजित करके आरोपों का जोरदार खंडन किया था और आरोपों को झूठ का पुलिंदा बताया था.
उन्होंने क्रोधित होते हुए कहा था, "क़ानून में ऐसी कोई व्यवस्था नहीं है कि ऐसे हालात में मुझे इस्तीफ़ा देना पड़े. मैं इस अन्याय के सामने हार नहीं मानूंगा."
राष्ट्रपति मोशे कत्साव की छुट्टी के समय में उनके औपचारिक कर्तव्यों का निर्वहन संसद के स्पीकर दालिया इत्ज़िक करेंगे.
संवाददाताओं का कहना है कि राष्ट्रपति कत्साव को अस्थाई तौर पर दफ़्तर से हटाने की गुज़ारिश को मंज़ूरी देना एक तरह से बहुत सुरक्षित रास्ते पर चलने जैसा है क्योंकि एटॉर्नी जनरल मेनाशेम माज़ूज़ को अभी यह फ़ैसला करना है कि राष्ट्राध्यक्ष के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने का आदेश दिया जाए या नहीं.
अगर कत्साव के ख़िलाफ़ मुक़दमा चलाने के आदेश दिए जाते हैं तो यह अपने आप में एक अनोखी घटना होगी.
इसराइल के क़ानून में राष्ट्रपति को पद पर रहते हुए कोई मुक़दमा नहीं चलाया जा सकता और गुरूवार को उनकी जो छुट्टी मंज़ूर की गई है उस अवधि के दौरान भी उनका यह क़ानूनी संरक्षण बना रहेगा.
लेकिन राजनीतिक क्षेत्रों में मोशे कत्साव पर भारी दबाव है कि वे इस्तीफ़ा दे दें. संसद में उन पर महाभियोग चलाने के प्रस्ताव भी सामने आए हैं.