सोमवार, 22 जनवरी, 2007 को 04:00 GMT तक के समाचार
हिंसक सत्ता संघर्ष को रोकने और राष्ट्रीय एकता की सरकार बनाने के लिए मुख्य फ़लस्तीनी गुटों के नेताओं के बीच सीरिया में हुई अहम बातचीत में कोई नतीजा नहीं निकला है.
ये बातचीत फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और हमास के नेताओं के बीच हुई.
बातचीत के बाद हमास नेता ख़ालिद मिशाल ने कहा कि मतभेद बरक़रार हैं. साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि इन्हें सुलझाया जा सकता है.
दूसरी ओर महमूद अब्बास ने बातचीत को 'सार्थक' बताया और कहा कि यह जारी रहेगी.
फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास और हमास के नेता ख़ालिद मिशाल के बीच 2005 के बाद पहली बार मुलाक़ात हुई है.
ख़ालिद मिशाल हमास के राजनीतिक प्रमुख हैं और सीरिया की राजधानी दमिश्क में रहते हैं.
इसराइल के साथ संबंध और सुरक्षा बलों पर नियंत्रण को लेकर हमास और महमूद अब्बास की फ़तह के बीच विवाद है.
दोनों पक्ष एकीकृत सरकार बनाने का प्रयास भी कर चुके हैं पर ये कोशिशें विफल रही हैं.
ग़ौरतलब है कि कुछ दिनों पहले अब्बास की फ़तह पार्टी और सत्तारूढ़ हमास के समर्थकों में हिंसक झड़पें हुईं थीं जिनमें कई लोग मारे गए थे.
विवाद
हमास ने पिछले साल फ़लस्तीनी चुनाव में जीत हासिल की थी और सरकार पर उसका नियंत्रण है.
दरअसल फ़तह गुट भविष्य में फ़लस्तीनी राष्ट्र पर बात करने के लिए इसराइल के साथ बातचीत का पक्षधर है लेकिन हमास इसराइल को मान्यता देने के लिए तैयार नहीं है.
हमास और फ़तह के बीच गतिरोध को देखते हुए महमूद अब्बास ने दिसंबर में कहा था कि अगर कोई समझौता नहीं होता है तो वे नए सिरे से चुनाव करवा सकते हैं.
हमास ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसकी तुलना तख़्तापल्ट से की थी.
उल्लेखनीय है कि हमास और फ़तह के बीच झड़पों में 30 से ज़्यादा फ़लस्तीनी मारे जा चुके हैं.