शुक्रवार, 19 जनवरी, 2007 को 14:20 GMT तक के समाचार
इराक़ में अमरीकी सेना का कहना है कि इराक़ी सुरक्षा बलों ने राजधानी बग़दाद में एक छापे में एक बड़े शिया लड़ाका नेता को गिरफ़्तार किया है.
यह गिरफ़्तारी ऐसे मौक़े पर हुई है जब विदेशी गठबंधन और इराक़ी सुरक्षा बल मिलकर राजधानी बग़दाद में विद्रोहियों के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं.
उधर शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता ने कहा है कि सद्र के एक वरिष्ठ सहयोगी को गिरफ़्तार किया गया है.
इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी पर अमरीका से काफ़ी दबाव पड़ रहा है कि इराक़ सरकार मुक़्तदा अल सद्र की मेहंदी सेना को तहस-नहस कर दे. मेहंदी सेना पर आरोप हैं कि वह शिया-सुन्नी हिंसा में शामिल रही है.
बीबीसी के विश्व मामलों के संवाददाता माइक वुलरिज का कहना है कि इराक़ की सरकार भी शिया बहुल है और शिया विद्रोही नेता मुक़्तदा अल सद्र और उनकी मेहंदी सेना के ख़िलाफ़ कार्रवाई करने की इराक़ी सरकार की इच्छा को अमरीका राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की नई इराक़ रणनीति के इम्तेहान के तौर पर देखा जा रहा है.
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि ऐसा लगता है कि विद्रोही लड़ाकों के ख़िलाफ़ कार्रवाई तेज़ की जा रही है.
अमरीकी सेना का कहना है कि इराक़ के विशेष सुरक्षा बलों ने राजधानी बग़दाद के एक पूर्वी ज़िले में शुक्रवार को तड़के छापा मारकर एक अज्ञात व्यक्ति को गिरफ़्तार किया है. इराक़ी सुरक्षा बलों को अमरीकी सैनिकों का भी सहयोग हासिल था. जिस जगह छापा मारा गया वह सद्र सिटी में मेहंदी सेना का गढ़ माना जाता है.
अमरीकी सेना के अनुसार जिस व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है उस पर इराक़ी सुरक्षा बलों और सरकार के कई लोगों को मारे जाने में शामिल होने के आरोप हैं. उस व्यक्ति पर अनेक अपहरण, प्रताड़ना और कुछ आम लोगों की हत्याओं में भी शामिल होने की आशंका है.
मुक़्तदा अल सद्र के दफ़्तर ने कहा है कि जिस व्यक्ति को गिरफ़्तार किया गया है वो बग़दाद में उनके मीडिया निदेशक शेख़ अब्दुल हादी अल दुराजी हैं.
मुक़्तदा अल सद्र के एक प्रवक्ता ने अब्दुल मेहंदी अल मतीरी ने समाचार एजेंसी रॉयटर्स से कहा, "उन्हें आधी रात के समय गिरफ़्तार किया गया और साथ में उनके दो चचेरे भाई भी पकड़े गए हैं."
प्रवक्ता ने कहा, "हम इस गिरफ़्तारी पर बहुत ग़ुस्से में हैं. यह बदले की कार्रवाई है. शेख़ दुराजी मीडिया मामले देखते हैं. वह कोई लड़ाका नहीं हैं."
इस गिरफ़्तारी से एक दिन पहले ही प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने घोषणा की थी कि दक्षिणी इराक़ में मेहंदी सेना के लगभग 400 सदस्यों को गिरफ़्तार किया गया है.
लेकिन विश्लेषकों का कहना है कि प्रधानमंत्री राजनीतिक रूप से मुक़्तदा अल सद्र के समर्थन पर निर्भर हैं और उन्हीं की पार्टी के कुछ नेता सद्र को राजनीतिक ढाँचे में रखने के हिमायती हैं, वे सद्र के ख़िलाफ़ इस तरह की कार्रवाई करके उन्हें भड़काने के ख़िलाफ़ हैं.