गुरुवार, 18 जनवरी, 2007 को 22:26 GMT तक के समाचार
अमरीकी रक्षा मंत्रालय ने ग्वांतानामो बे में रखे गए बंदियों पर मुक़दमा चलाए जाने के बारे में नए नियमों का मसौदा तैयार करके संसद को भेजा है.
इस मसौदे में कहा गया है कि यदि कोई जज सबूतों को विश्वसनीय मानता है कि तो संदिग्ध लोगों को बंदी बनाकर रखा जा सकता है.
पिछले दिसंबर में सैन्य आयोगों की स्थापना के लिए क़ानून बनने के बाद यह प्रारुप तैयार किया गया है.
अमरीकी रक्षा विभाग का कहना है कि निष्पक्ष मुक़दमा जल्दी ही शुरु हो सकेगा.
उल्लेखनीय है कि ग्वांतानामो बे के बंदीगृहों में रखे गए 400 में से 80 क़ैदी सैन्य आयोगों का सामना करेंगे.
रक्षा मामलों के वकीलों का कहना है कि वे इस मसौदे का अध्ययन कर रहे हैं और यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि ये नए नियम बंदियों को कितनी सुरक्षा दे पाएँगे.
इन नियमों में कहा गया है कि प्रताड़ित करके हासिल किए गए सबूत मान्य नहीं होंगे और जो सबूत इकट्ठे किए जाएँगे उन्हें जज को सौंप दिया जाएगा और बंदी इसका अध्ययन कर सकेंगे.
जबकि पेंटागन के क़ानूनी सलाहकार का कहना है कि वे इन नियमों से संतुष्ट हैं.
वॉशिंगटन में बीबीसी संवाददाता एडम ब्रूक्स का कहना है कि सैन्य आयोगों का मामला शुरु से ही विवाद में रहा है.
वकील आरोप लगाते रहे हैं कि प्रशासन ने सब कुछ बहुत गोपनीय रखा है और इसमें निष्पक्षता भी नहीं है.