सोमवार, 15 जनवरी, 2007 को 05:13 GMT तक के समाचार
इराक़ के अभियोजन पक्ष का कहना है कि सद्दाम हुसैन के दो सहयोगियों को सोमवार की सुबह फाँसी दे दी गई.
इनमें उनके सौतेले भाई बारज़ान अल-तिकरिति और पूर्व मुख्य न्यायाधीश अवाद अल-बंदर शामिल हैं.
सद्दाम हुसैन और उनके इन दोनों सहयोगियों के ख़िलाफ़ 1980 के दशक में 140 से अधिक 'शिया नागरिकों की हत्या का दोषी साबित होने के बाद यह सज़ा सुनाई गई थी.
दुजैल नरसंहार के मामले में इन दोनों को सद्दाम हुसैन के साथ ही मौत की सज़ा सुनाई गई थी. सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर को फाँसी दे दी गई थी.
इसके पहले संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने संयुक्त राष्ट्र में इराक़ के प्रतिनिधि को पत्र लिखकर बरज़ान इब्राहिम अल तिकरिती और अवाद अल-बंदर की फाँसी रोके जाने की अपील की थी.
लेकिन इराक़ सरकार के एक प्रवक्ता अली अल-दबाग़ ने साफ़ कर दिया था कि फाँसी के आदेश-पत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं इसलिए सज़ा को रोक पाना संभव नहीं है.
उल्लेखनीय है कि सद्दाम हुसैन को जिस तरह से फाँसी की सज़ा दी गई थी, उसकी व्यापक निंदा हुई थी.
सद्दाम हुसैन को अपमानजनक माहौल में फाँसी दिए जाने की बात एक अनधिकृत विवरण के प्रकाशन से सामने आई थी.
ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के तरीक़े की निंदा की थी.
ब्लेयर का मानना था कि जिस तरह से सद्दाम हुसैन पर फ़ब्तियाँ कसी गईं और उनके ख़िलाफ़ नारे लगाए गए, वह गलत था.