शनिवार, 13 जनवरी, 2007 को 02:55 GMT तक के समाचार
मध्य-पूर्व के दौरे पर रवाना हो रहीं अमरीकी विदेश मंत्री कोंडोलीज़ा राइस ने चेतावनी दी है कि इराक़ में सीरिया और ईरान की दखलंदाज़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
बीबीसी को दिए इंटरव्यू में राइस ने ख़ास कर ईरान को निशाना बनाया. उन्होंने आरोप लगाया कि अमरीकी सैनिकों पर हमले के लिए ईरान इराक़ी चरमपंथियों को अत्याधुनिक विस्फोटक उपकरण मुहैया करा रहा है.
उन्होंने ईरान की गतिविधियों को पूरी तरह अस्वीकार्य करार दिया. वो इराक़ पर घोषित अमरीका की नई रणनीति पर ज़्यादा से ज़्यादा समर्थन हासिल करने के लिए मध्य-पूर्व का दौरा कर रही हैं.
राइस ने कहा कि अरब नेताओं को अमरीकी मुहिम में साथ देना चाहिए क्योंकि स्थिर इराक़ उनके हक़ में होगा.
इससे पहले अमरीकी रक्षा मंत्री रॉबर्ट गेट्स ने इस बात से इनकार किया था कि इराक़ में मुस्तैद अमरीकी सेना सीमा लांघ कर ईरान और सीरिया में कुछ ठिकानों पर छापा मारने की योजना बना रही है.
अमरीकी सीनेट के समक्ष सुनवाई के दौरान उन्होंने कहा कि इस तरह की कार्रवाई अंतिम उपाय है.
इस हफ़्ते के शुरू में अमरीकी सेना ने इराक़ में इरबिल स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास पर छापेमारी की थी और पाँच लोगों को हिरासत में लिया था.
इराक़ पर नई रणनीति
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने बुधवार को इराक़ के लिए नई रणनीति सार्वजनिक करते हुए वहाँ लगभग बीस हज़ार और सैनिक भेजने की घोषणा की थी.
उन्होंने ईरान और सीरिया पर इराक़ में अस्थिरता फैलाने का आरोप लगाते हुए कहा था कि ये इराक़ी शिया चरमपंथियों को मदद कर रहे हैं.
बुश ने साफ किया कि इराक़ से अमरीकी सेना को हटा लेना कतई संभव नहीं है क्योंकि इससे इस्लामी कट्टरपंथी मजबूत होंगे और अमरीका को इसके परिणाम भुगतने होंगे.
साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि सेना भेजने के बाद तुरत हिंसा में कमी आ जाएगी, ऐसा नहीं कहा जा सकता. उन्होंने कहा, "हमारे दुश्मन आतंक फैलाने की हर संभव कोशिश करेंगे लेकिन उनसे निपटना होगा."