बुधवार, 10 जनवरी, 2007 को 13:22 GMT तक के समाचार
अमरीका के टेक्सस राज्य में उस पच्चीस वर्षीय हत्यारे को मई 2002 में ज़हरीला इंजेक्शन दे कर मार दिया गया जिसकी सज़ा कम करने की याचिकाएँ अस्वीकार कर दी गई थीं.
नेपोलियन बीज़ली की उम्र 17 वर्ष थी जब उसने कार चुराते वक़्त 63 वर्षीय जॉन लुटिग की गोली मार कर हत्या कर दी थी.
उसने अपनी सज़ा आजीवन कारावास में बदले जाने की अपील की थी जिसे निरस्त कर दिया गया था.
हंट्सविले जेल में ज़हरीली सुई लगाए जाने के नौ मिनट बाद बीज़ली को मृत घोषित कर दिया गया.
मरने से पहले जब उससे पूछा गया कि क्या उसे कोई अंतिम बयान देना है, तो बीज़ली ने उस व्यक्ति की बेटी की ओर ग़ौर से देखा जिसकी उसने हत्या की थी और कहा, नहीं.
जेल के अधिकारियों ने कहा कि उसने अंतिम समय में भोजन भी नहीं लिया.
उससे पहले दिन में उसे परिवार के सदस्यों से मिलने के लिए चार घंटे का समय दिया गया था.
कई निचली अदालतों द्वारा बीज़ली की अपीलें रद्द किए जाने के बाद उसके वकीलों ने अमरीकी सुप्रीम कोर्ट से दया की अपील की थी.
नर्मी से इनकार
लेकिन अदालत ने सज़ा रोकने या उसमें नर्मी बरतने से इनकार कर दिया.
बीज़ली पहले ईस्ट टेक्सस में एक प्रतिभाशाली छात्र और एक जाने-माने धावक के तौर पर जाना जाता था. लेकिन जब उसने यह हत्या की उससे कई साल पहले से उसने मादक पदार्थों का सेवन शुरु कर दिया था.
उसने और उसके मित्रों ने जब लुटिग और उनकी पत्नी को घेर कर उनकी दस वर्ष पुरानी मर्सिडीज़ कार छीनने की कोशिश की तो वह पिस्तौल लिए हुए था.
इस सज़ा के विरोध में आवाज़ उठाने वालों का कहना था कि बीज़ली का मुक़दमा निष्पक्ष नहीं था क्योंकि लुटिग के पुत्र माइकल अब वर्जीनिया में अपील कोर्ट के जज हैं.
यह भी कहा जा रहा है कि बीज़ली का मुक़दमा उसके काले होने की वजह से पूर्वाग्रह ग्रस्त था और वकील भी अक्षम थे क्योंकि वे अदालत में उसकी सही उम्र का ज़िक्र नहीं कर पाए.