मंगलवार, 09 जनवरी, 2007 को 21:51 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने सोमालिया पर अमरीकी हमले पर चिंता जताई है. उनका कहना था कि इससे विरोध और बढ़ेगा.
बान की-मून ने ये बयान अमरीकी रक्षा मंत्रालय की पुष्टि के बाद दिया है जिसमें रविवार को दक्षिणी सोमालिया पर हमले की बात स्वीकार की गई थी.
कुछ ख़बरों के अनुसार इसमें अमरीकी लड़ाकू विमान एसी 103 का इस्तेमाल किया गया जिसकी मारक क्षमता व्यापक है.
सोमालियाई अधिकारियों का कहना है कि हमले में अनेक लोग मारे गए हैं. लेकिन सोमालिया के राष्ट्रपति अब्दुलाही यूसुफ़ ने अमरीकी हमलों का समर्थन किया है.
मंगलवार को भी हमले किए जाने की ख़बरें है लेकिन यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि ये हमले अमरीका ने किए या फिर इथोपियाई सेनाओं ने.
अमरीका ने चरमपंथी संगठन अल क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथियों को निशाना बनाकर सोमालिया में हवाई हमले किए हैं जिनमें अनेक लोगों के हताहत होने की ख़बरें हैं.
अमरीका का मानना है कि वर्ष 1988 में उसके कीनिया और तंजानिया स्थित दूतावासों पर बम हमलों में शामिल चरमपंथी सोमालिया में छिपे हुए हैं.
अनेक हताहत
सोमालिया की अंतरिम सरकार के एक प्रवक्ता ने कहा है कि इन हमलों में अनेक लोग हताहत हुए हैं.
सोमालिया के राष्ट्रपति अब्दुलाही यूसुफ़ ने मंगलवार को राजधानी मोगादीशू में कहा कि अमरीका को उन चरमपंथियों पर हमला करने का अधिकार है जिन्हें वह अपने दूतावासों पर हमलों का संदिग्ध मानता है.
राष्ट्रपति अब्दुलाही यूसुफ़ 2004 में राष्ट्रपति चुने जाने के बाद पहली बार सोमवार को राजधानी मोगादीशू पहुँचे थे.
अमरीकियों का कहना है कि अल क़ायदा के संदिग्ध चरमपंथियों का उस समय से पीछा किया गया जब वे राजधानी मोगादीशू से भागे थे.
ग़ौरतलब है कि इस्लामी कोर्ट्स नामक संगठन के लड़ाकों ने साल 2006 में क़रीब छह महीने तक राजधानी मोगादीशू पर क़ब्ज़ा कर रखा था और उन्हें दिसंबर में वहाँ से निकाल दिया गया था.
सोमालियाई सेना ने इथियोपिया की मदद से पिछले दिनों राजधानी मोगादिशू से कट्टरपंथी संगठन इस्लामी कोटर्स यूनियन के लड़ाकों को खदेड़ दिया था. ये लड़ाके पिछले छह महीने से राजधानी में जमे हुए थे.
बीबीसी संवाददाता ने बताया कि कि अमरीका ने इस मौके का फ़ायदा उठाते हुए अल क़ायदा के ठिकानों को निशाना बनाया है.