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मंगलवार, 09 जनवरी, 2007 को 17:00 GMT तक के समाचार

इराक़ में लड़ाई और विमान दुर्घटना

तुर्की का एक विमान इराक़ में उतरने की कोशिश करते समय दुर्घटनाग्रस्त हो गया जिससे 32 लोगों की मौत हो गई.

उधर केंद्रीय बग़दाद इलाक़े में अमरीकी और इराक़ी सुरक्षा बलों की सुन्नी लड़ाकों के साथ लड़ाई हुई है जिसमें लगभग 50 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

इस विमान में निर्माण उद्योग में काम करने वाले लोग सवार थे.

तुर्की के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि विमान पर कुल 32 लोग सवार थे जिनमें से 32 की मौत हो गई.

विदेश मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि विमान राजधानी बग़दाद से क़रीब 80 किलोमीटर उत्तरी शहर बलाड़ में अमरीकी सेना के एक अड्डे पर उतरने की कोशिश कर रहा था लेकिन वह हवाई पट्टी पर उतरने से पहली ही दुर्घटनाग्रस्त हो गया.

यह विमान तुर्की के अदाना शहर से उड़ा था और इराक़ में जिस समय उतरने की कोशिश कर रहा था, समझा जाता है उस समय वहाँ भारी कोहरा था.

विमान में सिर्फ़ एक यात्री के अलावा सभी तुर्की के लोग थे.

लड़ाई

उधर राजधानी बग़दाद के केंद्रीय इलाक़े में अमरीकी और इराक़ी सुरक्षा बलों की लड़ाई इराक़ी सुन्नी लड़ाकों के साथ हुई है जिसमें कम से कम 50 लोगों के मारे जाने की ख़बर है.

इराक़ के संयुक्त सुरक्षा बलों को अमरीकी लडाकू विमानों का सहयोग मिला और स्थानीय लोगों का कहना है कि विमानों ने हाइफ़ा स्ट्रीट इलाक़े में हमले किए.

इराक़ी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल इब्राहीम शाकिर का कहना था कि इस हमले का मक़सद ज़िले को "आतंकवादियों" से मुक्त करना था.

प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने इस कार्रवाई से पहले कहा था कि ग़ैरक़ानूनी सशस्त्र गुटों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई की जाएगी.

मलिकी ने कहा था, "इस कार्रवाई में हम अपने सभी राजनीतिक, आर्थिक, मीडिया, सुरक्षा और सैन्य संसाधन झोंक देंगे. इस कार्रवाई का राजधानी बग़दाद इंतज़ार कर रही है."

इराक़ी रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि मंगलवार को हुई इस लड़ाई में लगभग 50 लोग मारे गए हैं और 21 चरमपंथियों को गिरफ़्तार किया गया है. गिरफ़्तार किए गए चरमपंथियों में कुछ विदेशी भी बताए गए हैं.

लड़ाई इतनी ज़ोरदार थी कि दजला नदी के पश्चिमी किनारे पर मोर्टार और मशीन गनों के हमलों की आवाज़ें सुनी जा सकती थीं.

पुलिस सूत्रों ने बीबीसी को बताया कि हाइफ़ा स्ट्रीट पर हुई इस लड़ाई से दो दिन पहले ही सुन्नी बहुल इलाक़ों में भीषण हिंसा हुई थी. इराक़ी सेना ने पास के एक शेख़ मारूफ़ शवग्रह में 27 शव पाए थे.

कहा जाता है कि सेना ने उन हत्याओं के लिए कथित रूप से ज़िम्मेदार लोगों को पकड़ने के लिए सैनिक भेजे थे जिसकी वजह से वहाँ लड़ाई शुरू हो गई.

'विदेशी' गिरफ़्तार

मंगलवार को कुछ बंदूकधारियों ने इराक़ी सेना की एक चौकी पर हमला किया था जहाँ से रास्ता शवग्रह को जाता है.

इराक़ी सुरक्षा बलों ने अमरीकी सैनिकों से मदद मांगी और उन्होंने संयुक्त कार्रवाई में ज़िले की घेराबंदी कर दी और फिर घर-घर तलाशी और छापों का दौर शुरू हो गया.

हाइफ़ा स्ट्रीट इलाक़े में लड़ाई शुरू होने से कुछ ही घंटे पहले प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने राजधानी बग़दाद के लिए एक नई सुरक्षा योजना की घोषणा की थी.

राजधानी बग़दाद में बीबीसी संवाददाता पीटर ग्रेस्टी का कहना है कि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि हाइफ़ा स्ट्रीट पर हुए हमले उसी योजना का हिस्सा हैं या नहीं.

अमरीकी सैन्य प्रवक्ता लैफ्टिनेंट कर्नल स्कॉट ब्लेशहेल ने एक वक्तव्य जारी करके कहा, "इस इलाक़े में विद्रोही गतिविधियाँ काफ़ी रही हैं जिनकी वजह से केंद्रीय बग़दाद इलाक़े में सुरक्षा अभियान बाधित हो रहे थे."