सोमवार, 08 जनवरी, 2007 को 12:03 GMT तक के समाचार
इराक़ में सैनिकों की संख्या बढ़ाए जाने संबंधी अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश की घोषणा इसी हफ्ते होने की संभावना है.
एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने अमरीकी अख़बार न्यूयॉर्क टाइम्स में राष्ट्रपति बुश के इस फ़ैसले की वक़ालत की है.
वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि ये कोई एकतरफ़ा घोषणा नहीं है. उन्होंने बताया कि इराक़ी सरकार को ज़रूरतों और अपेक्षाओं के बारे में बता दिया गया है.
इन ज़रूरतों में भविष्य के तेल व्यापार में उचित हिस्सा और सुरक्षा के बेहतर इंतज़ाम की बात भी शामिल है.
बीबीसी संवाददाता को यह भी पता चला है कि राष्ट्रपति बुश के भाषण में आर्थिक सहायता के साथ-साथ सुरक्षा को बेहतर बनाने के लिए सामुदायिक स्तर पर सेना का साथ देने की सलाह भी शामिल हो सकती है.
विरोध
अमरीकी राष्ट्रपति के इस निर्णय से आम जनता और राजनीतिज्ञों में बहुत रोष है.
अमरीका के निचले सदन प्रतिनिधि सभा की अध्यक्षा नैन्सी पेलोसी ने राष्ट्रपति बुश को चेतावनी दी है कि अगर वो इराक़ में अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाना चाहते हैं तो उन्हें पहले इसे अमरीकी कांग्रेस में न्यायोचित ठहराना होगा.
रिपब्लिकन पार्टी का अमरीकी कांग्रेस में बहुमत समाप्त हो गया है और अब यहाँ बहुमत विपक्षी डेमोक्रेटिक पार्टी के हाथों में है.
नैन्सी पेलोसी ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि अब तक रिपब्लिकन पार्टी ने राष्ट्रपति बुश को खुली छूट दे रखी थी.
ख़बरों के अनुसार राष्ट्रपति बुश 20 हज़ार और अमरीकी सैनिक वहाँ भेजना चाहते हैं. इराक़ में पहले से ही एक लाख 40 हज़ार अमरीकी सैनिक तैनात हैं.
इसके पहले डेमोक्रेटिक पार्टी के नेताओं ने राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से इराक़ में और सैनिक न भेजने की अपील की थी.
इराक़ में अब तक तीन हज़ार अमरीकी सैनिक मारे जा चुके हैं. इराक़ी मंत्रालयों के आकलन के मुताबिक़ वहाँ हर महीने लगभग एक हज़ार नागरिक हिंसा के शिकार हो रहे हैं.