रविवार, 07 जनवरी, 2007 को 16:17 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र की फाँसी रोकने की अपील के बावजूद इराक़ सरकार ने कहा है कि पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन के दो वरिष्ठ सहयोगियों को इसी सप्ताह किसी दिन फाँसी दे दी जाएगी.
संयुक्त राष्ट्र महासचिव बान की-मून ने संयुक्त राष्ट्र में इराक़ के प्रतिनिधि को पत्र लिखकर सद्दाम हुसैन के दो सहयोगियों बरज़ान इब्राहिम अल तिकरिती और अवाद अल बंदर की फाँसी रोके जाने की अपील की थी.
बरज़ान अल तिकरिती सद्दाम हुसैन के सौतेले भाई हैं और सद्दाम हुसैन के शासनकाल में ख़ुफ़िया सेवा के प्रमुख और बंदर पूर्व न्यायाधीश थे.
दुजैल नरसंहार के मामले में इन दोनों को सद्दाम हुसैन के साथ ही मौत की सज़ा सुनाई गई थी. सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर को फाँसी दे दी गई थी.
इराक़ सरकार के प्रवक्ता अली अल-दबाग़ ने कहा कि फाँसी के आदेश-पत्र पर हस्ताक्षर किए जा चुके हैं और अब सज़ा को रोक पाना संभव नहीं हैं.
इस बीच ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के तरीक़े की निंदा की है.
इस मामले पर कोई प्रतिक्रिया नहीं देने की वजह से टोनी ब्लेयर की आलोचना हो रही थी.
लेकिन अब उनके अधिकारियों ने कहा है कि ब्लेयर मानते हैं कि जिस तरह से सद्दाम हुसैन पर फ़ब्तियाँ कसी गईं और उनके खिलाफ़ नारे लगाए गए वह गलत था.
सज़ा
दूसरी ओर ब्रिटेन के अगले प्रधानमंत्री के लिए बड़े दावेदार माने जाने वाले वित्त मंत्री गॉर्डन ब्राउन ने बीबीसी के एक कार्यक्रम में फाँसी दिए जाने के तरीक़े पर खेद जताया और कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता.
वित्तमंत्री गॉर्डन ब्राउन ने कहा, "जो भी हुआ उसकी पूरी तस्वीर अभी हमारे सामने है. हम सिर्फ़ यही कह सकते हैं जो हुआ वह अत्यंत अफ़सोसजनक था."
जिन दो लोगों को फाँसी दी जानी है उनमें से एक सद्दाम के सौतेले भाई बारज़ान अल-तिकरिति हैं जो सद्दाम के शासन में ख़ुफ़िया विभाग के प्रमुख थे.
सद्दाम हुसैन के दूसरे सहयोगी और पूर्व मुख्य न्यायाधीश अवाद अल-बंदर को भी इसी सप्ताह किसी दिन फाँसी दी जाएगी.
इन दोनों के खिलाफ़ 1980 के दशक में ‘शिया नागरिकों की हत्या का आरोप’ साबित होने के बाद यह सज़ा सुनाई गई है.