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शनिवार, 06 जनवरी, 2007 को 11:18 GMT तक के समाचार

फाँसी के आलोचकों को चेतावनी

इराक़ के प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने कहा है कि सद्दाम हुसैन को फाँसी दिया जाना उनके देश का आंतरिक मामला है. उन्होंने उन देशों को चेतावनी दी जो इसकी आलोचना कर रहे हैं.

प्रधानमंत्री मलिकी ने कहा कि इराक़ उन देशों के साथ अपने संबंधों की समीक्षा कर सकता है जो सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने की आलोचना कर रहे हैं.

पूर्व राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को 30 दिसंबर को फाँसी दे दी गई थी. दुजैल नरसंहार मामले में उनकी भूमिका को लेकर अदालत ने उन्हें मौत की सज़ा सुनाई थी और फिर उनकी अपील भी ख़ारिज़ हो गई थी.

सद्दाम हुसैन के आख़िरी क्षण

इराक़ में सैनिक दिवस पर अपने संबोधन में इराक़ी प्रधानमंत्री ने कहा कि सद्दाम हुसैन के साथ निष्पक्ष न्याय हुआ है. उन्होंने कहा कि इराक़ की एकता के लिए सद्दाम हुसैन को फाँसी दिया गया.

आलोचना

प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने इसका भी वादा किया कि सभी हथियारबंद गुटों के ख़िलाफ़ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने कहा कि इराक़ी सेना राजधानी बग़दाद में सुरक्षा कड़ी करने के लिए तैयार हैं.

उन्होंने कहा कि इन हथियारबंद गुटों पर कार्रवाई बिना किसी भेदभाव के होगी और उनका राजनीतिक रुझान कार्रवाई में आड़े नहीं आएगा.

सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने के समय का एक वीडियो इंटरनेट पर आया था, जिसकी काफ़ी आलोचना हो रही है. इस वीडियो में दिखाया गया है कि सद्दाम हुसैन पर फाँसी के समय फ़ब्तियाँ कसी जा रही थी.

इराक़ी सरकार ने इसकी जाँच के आदेश तो दिए हैं लेकिन सवाल इस पर उठ रहे हैं कि उस समय शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र के नाम का नारा लगाने वाले कैसे पहुँच गए.

मिस्र के राष्ट्रपति होस्नी मुबारक ने तो यहाँ तक कहा कि जिस तरीक़े से सद्दाम हुसैन को फाँसी हुई, उससे सद्दाम हुसैन 'शहीद' बन गए हैं.

लेकिन अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मलिकी फाँसी की आलोचना करने वालों पर जम कर बरसे. उन्होंने कहा, "जो लोग फाँसी का विरोध कर रहे हैं, वे इराक़ के आंतरिक मामले में दख़ल दे रहे हैं और पीड़ितों के परिवारों की भावना की खिल्ली उड़ा रहे हैं."

प्रधानमंत्री मलिकी ने कहा कि सद्दाम हुसैन को फाँसी दिया जाना राजनीतिक क़दम नहीं था.