http://www.bbcchindi.com

रविवार, 31 दिसंबर, 2006 को 14:10 GMT तक के समाचार

'फाँसी के समय फ़ब्तियाँ कसी जा रही थी'

सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने का एक नया वीडियो इंटरनेट पर जारी किया गया है, जिसमें सद्दाम हुसैन पर फ़ब्तियाँ कसी जा रही हैं और सद्दाम उनका जवाब भी देते हैं.

माना जा रहा है कि यह वीडियो मोबाइल फ़ोन से फ़िल्माया गया है. एक ओर जहाँ इराक़ी टीवी पर सद्दाम हुसैन को काफ़ी शांत दिखाया गया था, वहीं नए वीडियो में सद्दाम हुसैन को ग़ुस्से और आवेश में देखा जा सकता है.

इस वीडियो में लोगों को शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र का नाम लेते दिखाया गया है. लोग सद्दाम हुसैन को जहन्नुम में जाने को कह रहे हैं.

आधिकारिक वीडियो से अलग इस वीडियो में सद्दाम हुसैन को फाँसी पर लटकाते और उसके बाद के दृश्य भी दिखाए गए हैं. यह वीडियो पहले इंटरनेट पर जारी हुआ और उसके बाद कुछ न्यूज़ चैनल्स भी इसे दिखाने लगे.

अभी तक ये पता नहीं चल पाया है कि इस वीडियो को किसने फ़िल्माया और क्या इसे जारी करने के लिए आधिकारिक स्वीकृति मिली थी या नहीं.

लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि जिस सरकारी वीडियो में सद्दाम हुसैन को टूटा हुआ और शांत दिखाया जा रहा है, उससे पूरी कहानी का पता नहीं चलता.

इस वीडियो में सद्दाम हुसैन को नक़ाबपोश लोगों से घिरा हुआ दिखाया गया है जो उन्हें फाँसी के तख़्ते तक ले जा रहे हैं.

अंधेरे में लिए गए कई दृश्यों में कैमरे के फ़्लैश चमकते भी देखे जा सकते हैं. यानी कई लोग सद्दाम हुसैन के आख़िरी क्षणों की तस्वीरें भी खींच रहे थे.

वीडियो में दिखाया गया है कि जैसे ही सद्दाम हुसैन को फाँसी के तख़्ते की ओर ले जाया जाता है, नीचे खड़े लोग उन पर ताना कसना शुरू कर देते हैं.

जैसे ही उनके गले में फाँसी का फंदा लगाया जाता है, नीचे खड़े लोगों की आवाज़ें तेज़ हो जाती हैं और लोग अपमान वाले शब्द बोलने लगते हैं.

एक व्यक्ति जो वीडियो में दिख तो नहीं रहा, चिल्ला कर कहता है- तुम्हें जहन्नुम रसीद हो. तो दूसरे शिया नेता मुक़्तदा अल सद्र और उनके चाचा मोहम्मद बाक़िर सद्र के नाम का नारा लगाने लगते हैं.

मुक़्तदा अल सद्र के चाचा मोहम्मद बाक़िर की हत्या सद्दाम के लोगों ने कर दी थी. जवाब में सद्दाम भी व्यंग्य से पूछते हैं- क्या ये बहादुरी है?

इसके बाद सद्दाम हुसैन क़लमा पढ़ना शुरू कर दिया और कहते हैं- अल्लाह के सिवा कोई ख़ुदा नहीं है और मैं शहादत देता हूँ कि मोहम्मद अल्लाह के रसूल हैं. इसके बाद फाँसी का तख़्ता हट जाता है और सद्दाम नीचे झूल जाते हैं.

फिर शोर-ग़ुल शुरू हो जाती है और आवाज़ें सुनाई देती हैं- तानाशाह का अंत हो गया. कैमरा कुछ क्षणों के लिए इधर-उधर घूमता है.

इसके बाद सद्दाम हुसैन का चेहरा दिखता है. गले में फाँसी का फंदा है, चेहरा निर्जीव और आँखें खुली हुई. कुछ अरबी टीवी चैनल इस वीडियो को थोड़ा सेंसर करके दिखा रहे हैं.

फाँसी दिए जाने के समय मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी ने जो जानकारी दी थी, वह इस वीडियो से मिलती है.

------------------------------------------------------------------------------

ताज़ा वीडियो का अनुवाद

सद्दाम हुसैन: या अल्लाह

आवाज़ें: अल्लाह की रहमतें मोहम्मद और उनके अनुयायियों पर रहें.

आवाज़ें: अल्लाह उन पर मेहरबानियाँ करें और उनके दुश्मनों को श्राप दें.

आवाज़ें: मुक़्तदा (अल सद्र)...मुक़्तदा..मुक़्तदा

सद्दाम: क्या तुम इसे बहादुरी समझते हो?

एक आवाज़: मोहम्मद बाक़िर अल सद्र ज़िंदाबाद

एक आवाज़: जहन्नुम में जाओ

एक आवाज़: ऐसा ना करो. इसे फाँसी दी जा रही है. कृपया ऐसा न करे. मैं आपसे प्रार्थना करता हूँ कि आप ऐसा न करें.

सद्दाम हुसैन: अल्लाह के सिवा कोई ख़ुदा नहीं है और मैं शहादत देता हूँ कि मोहम्मद अल्लाह के रसूल हैं.