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शनिवार, 30 दिसंबर, 2006 को 05:02 GMT तक के समाचार

प्रतिक्रियाएँ:ईरान को हिंसा बढ़ने का अंदेशा

इराक़ी नेता सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने पर दुनिया भर के नेताओं की प्रतिक्रियाएँ आने लगी हैं.

अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने इसे मील का पत्थर बताया है वहीं रोमन कैथोलिक चर्च ने इसे एक दुखभरी घटना कहा है.

ईरान

ईरान का कहना है कि सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने से इराक़ में अगले कुछ समय में हिंसा बढ़ सकती है, हालाँकि लंबी अवधि में इससे इराक़ को फायदा होगा.

ईरान के विदेश उपमंत्री हामिद रेज़ा असफ़ी ने इसे 'इराक़ियों की जीत' करार दिया है.

लीबिया

लीबिया ने सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने का विरोध करते हुए तीन दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है.

अरब जगत

अरब जगत के देशों से मिलीजुली प्रतिक्रिया मिल रही है. कुछ देशों ने इस पर आश्चर्य जताया है, तो कुछ देशों ने इसका विरोध किया है.

कहीं उल्लास तो कहीं ग़मगीन माहौल

मिस्र के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि फाँसी के लिए जो दिन चुना गया, उससे साफ़ हो गया है कि मुसलमानों की भावनाओं का कद्र नहीं किया गया. उस दिन फाँसी दी गई, जो दया का अवसर देता है.

सऊदी अरब ने फाँसी की सज़ा के लिए यह समय तय करने पर दुख व्यक्त किया है. उसका कहना है कि मुसलमानों के पवित्र त्योहार ईद-उल-अदहा के पहले दिन फाँसी देना ठीक नहीं था.

फ़लस्तीनी कट्टरपंथी संगठन हमास के प्रवक्ता ने फाँसी दिए जाने की निंदा करते हुए कहा है कि यह अंतरराष्ट्रीय क़ानूनों का उल्लंघन है. फ़लस्तीनी प्रशासन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इसे 'राजनीतिक हत्या' करार दिया.

जॉर्डन ने उम्मीद जताई है कि फाँसी की सज़ा का कोई नकारात्मक पहलू सामने नहीं आएगा.

हालाँकि अरब जगत के अधिकांश देशों ने सज़ा का समर्थन या विरोध करने के बज़ाए चुप्पी साधना ज़्यादा उचित समझा है.

'बेटियों को फ़ख़्र'

बताया जाता है कि जॉर्डन में निर्वासित जीवन जी रहीं सद्दाम की दोनों बेटियों को जब उनके पिता को फाँसी दिए जाने की ख़बर मिली तो वे दुखी हो गईं. उनके एक मित्र ने कहा, '' दोनों को इस बात का गर्व है कि उनके पिता ने मौत का बहादुरी से सामना किया.

रोमन कैथोलिक चर्च

रोमन कौथोलिक चर्च ने पूर्व इराक़ी राष्ट्रपति सद्दाम हुसैन को फाँसी दिए जाने का विरोध करते हुए इसे एक दुखभरी घटना कहा है. वैटिकन से जारी एक बयान में कहा गया है कि कहीं भी मृत्युदंड दिए जाने की तरह ये भी एक दुखभरी घटना है. इस कदम से इराक़ में और हिसा का बीज बोने का काम होगा.

जॉर्ज डब्ल्यू बुश, राष्ट्रपति-अमरीका

न्याय के बाद सद्दाम हुसैन को सज़ा दे दी गई. ये सज़ा उस समय दी गई है जबकि इराक़ियों और हमारी सेना के लिए एक मुश्किल साल समाप्त हो रहा है. सद्दाम हुसैन के साथ न्याय होने से इराक़ में हिंसा रुकेगी तो नहीं मगर ये लोकतांत्रिक इराक़ के रास्ते में एक महत्त्वपूर्ण मील का पत्थर होगा.

मार्गरेट बेकेट, विदेश मंत्री-ब्रिटेन

इराक़ियों के विरुद्ध सद्दाम हुसैन ने जो अपराध किए थे उसकी सज़ा उन्हें मिल गई है. ब्रितानी सरकार इराक़ या किसी भी दूसरे देश में सज़ा-ए-मौत का समर्थन नहीं करती मगर सरकार एक संप्रभु राष्ट्र के फ़ैसले का सम्मान करती है.

हुसैन शहरिस्तानी, तेल मंत्री-इराक़

सद्दाम हुसैन से पीड़ित परिवार को इस दिन का इंतजार था लेकिन पूर्व राष्ट्रपति को केवल फाँसी दे देने से इराक़ में हिंसा में कोई कमी नहीं आएगी.

लबीद अब्बावी, उप विदेश मंत्री-इराक़

जितने दिन वो ज़िंदा रहते उतनी मुश्किलें हमें सहनी पड़ती. अब वो चीज़ें पीछे छोड़कर हम कुछ नया शुरू कर सकते हैं.

अदनान पचाची, पूर्व सदस्य-इराक़ी शासकीय परिषद

इराक़ के हालात पर इस घटना का कोई सर नहीं होगा. देश के हालात पहले ही काफ़ी ख़राब हो चुके हैं. देश में क़ानून व्यवस्था बनाने और लड़ाकुओं का सामना करने के लिए काफ़ी कड़े क़दम उठाने होंगे. उनके इराक़ में कुछ समर्थक हैं जिनके पास हथियार भी हैं और वो हिंसा को बढ़ा सकते हैं.

फ़रीद साबरी, सुन्नी नेता-इराक़ी इस्लामिक पार्टी

इराक़ी सरकार को अभी इंतज़ार करना चाहिए था. उन्हें ये फ़ैसला टालकर सही समय का इंतज़ार करना चाहिए था. एक नई अदालत के अधीन मुक़दमा चलना चाहिए ता जिस पर किसी तरह का दाग़ नहीं होता. इराक़ की ज़्यादातर समस्याएँ सामुदायिक सरकारों की वजह से हैं, विदेशी फ़ौजों की मौजूदगी की वजह से हैं. ये समस्याएँ सद्दाम से जुड़ी नहीं हैं.

बाया रहमान-कुर्द आंदोलन से संबद्ध

इराक़ के एक कुर्द नागरिक के तौर पर मैं उम्मीद करता हूँ कि सद्दाम को मौत की सज़ा देने से देश का एक बेहद काला अध्याय बंद होगा. सद्दाम के हाथ ख़ून से रंगे थे. मैं ऐसे बहुत से कुर्द नागरिकों, इराक़ी नागरिकों को जानता हूँ जिनके माँ, बाप, भाई, बेटे, बेटी सामूहिक क़ब्र में दफ़न हो गए और सब हुआ सद्दाम हुसैन के हाथों.