मंगलवार, 26 दिसंबर, 2006 को 12:57 GMT तक के समाचार
रेड क्रॉस का कहना है कि नाइजीरिया के शहर लागोस की एक तेल पाइपलाइन में हुए धमाके में कम से कम 250 लोग मारे गए हैं.
आशंका जताई जा रही है कि मृतकों की संख्या इससे कहीं ज़्यादा हो सकती है.
नाइजीरिया में रेड क्रॉस के महासचिव ने बीबीसी को बताया कि धमाके के चलते कई घर नष्ट हो गए हैं. एक मस्जिद और चर्च भी नष्ट हो गया है.
उन्होंने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है.
अधिकारियों का कहना है कि ये धमाका तब हुआ जब सैकड़ों लोग पाइपलाइन से ईंधन निकाल रहे थे. कुछ लोगों ने पाइपलाइन में छेद कर दिए थे.
पिछले एक दशक में इस तरह की घटनाओं में करीब 2000 लोग मारे जा चुके हैं.
राहत कार्य
रेड क्रॉस के एक अधिकारी का कहना है कि घटनास्थल पर गर्मी के चलते शव बरामद करने में दिक्कत हो रही है.
एप ने अधिकारी के हवासे से लिखा है, "हम लोगों को सिर्फ़ खोपड़ी से पहचान पा रहे हैं, सब जगह शव बिखरे हुए हैं."
माना जा रहा है कि घायलों में से कई लोग छिप गए हैं ताकि उन्हें गिरफ़्तार न किया जा सके. कई लोगों ऐसे भी हो सकते हैं जो पैसे की कमी के चलते अस्पताल न गए हों.
नाइजीरिया अफ़्रीका में सबसे बड़ा तेल उत्पादक है लेकिन भ्रष्ट्राचार, खराब प्रबंधन और आधारभूत ढाँचे की कमी के चलते यहाँ के लोगों को ईंधन की कमी का सामना करना पड़ता है.
ये पाइपलाइनें आमतौर पर ऐसे इलाक़ों से गुज़रती हैं जहाँ ग़रीब तबके के लोग रहते हैं. अकसर यहाँ लोग पाइपलाइन से तेल चुराते हैं.
इस वर्ष मई में भी लागोस में इसी तरह की घटना में 150 लोग मारे गए थे.