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मंगलवार, 26 दिसंबर, 2006 को 00:39 GMT तक के समाचार

बसरा में सैन्य कार्रवाई से छिड़ा विवाद

ब्रितानी और इराक़ी सैनिकों के बसरा में एक पुलिस स्टेशन पर हमले के बाद इराक़ में एक राजनीतिक विवाद छिड़ गया है. वहाँ की स्थानीय परिषद ने बसरा में सेना से सहयोग न करने की बात कही है.

हमले में पुलिस स्टेशन को नष्ट कर दिया गया था. सेना का आरोप है कि पुलिस स्टेशन से गंभीर आपराधिक मामलों की शाखा ग़ैर-क़ानूनी गतिविधियाँ कर रही थी.

सेना का कहना है कि पुलिस स्टेशन से ऐसे दस्ते काम कर रहे थे जो लोगों को मौत के घाट उतार रहे थे और डकैतियाँ भी कर रहे थे.

ब्रितानी सेना का कहना है कि उसका अभियान ख़ुफ़िया जानकारी के आधार पर चलाया गया क्योंकि जानकारी मिली थी कि ग़ैर-क़ानूनी तरीके से वहाँ कुछ लोगों को जान से मारा जा सकता है. पुलिस स्टेशन से 127 क़ैदियों को छुड़ाया गया.

कार्रवाई में एक हज़ार से ज़्यादा सैनिकों ने हिस्सा लिया. कार्रवाई के दौरान सेना के हेलिकॉप्टर भी पुलिस स्टेशन के ऊपर मँडरा रहे थे.

ब्रितानी सेना का दावा है कि छुड़ाए गए क़ैदियों को काफ़ी प्रताड़ित किया गया था और कुछ तो इतनी बुरी तरह घायल थे कि चल भी नहीं पा रहे थे.

'सेना को सहयोग नहीं'

लेकिन प्रांत की परिषद ने तत्काल इस कार्रवाई को ग़ैर-क़ानूनी और भड़काने वाला कदम बताते हुए उसकी निंदा की.

परिषद के नेता मोहम्मद अल लाबादी ने कहा कि बसरा में सेना को आने वाले समय में सहयोग नहीं दिया जाएगा.

लेकिन ब्रिटेन के सैन्य प्रवक्ता मेजर चार्ल्स बर्ब्रिज का कहना था कि इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने स्पष्ट संकेत दिए है कि वे चाहते हैं कि गंभीर आपाराधिक मामलों की शाखा को भंग किया जाए.

उनका ये भी कहना था कि अन्य राजनीतिक और धार्मिक नेताओं ने भी इस बारे में अपना समर्थन जताया है.

बीबीसी के राजनीतिक संवाददाता का कहना है कि सैन्य जीत प्रतीत होने वाली घटना से राजनीतिक संकट पैदा होने का ख़तरा पैदा हो गया है.