सोमवार, 25 दिसंबर, 2006 को 02:30 GMT तक के समाचार
क्रिसमस के मौक़े पर दिए गए अपने संदेश में पोप बेनेडिक्ट ने मध्य पूर्व और अफ़्रीकी देशों में शांति प्रयासों के लिए अपील की.
उन्होंने धनी देशों की जनता से भी कहा कि वे सहायता के लिए उठने वाली लोगों की आवाज़ों का ख़्याल रखें.
रोम में सेंट पीटर्स बैसीलिका से दिए अपने संबोधन में विज्ञान की उपलब्धियों के साथ ग़रीबी और आपदा के टकराव का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा कि इंटरनेट और उपभोक्तावाद के ज़माने में यह शर्मनाक है कि लोग अभी भी भूख और प्यास से मर रहे हैं. जबकि कई लोग जातीय घृणा का शिकार हो रहे हैं.
पोप ने मध्य पूर्व और अफ़्रीका में शांति की नए सिरे से कोशिश करने की अपील की. पोप ने मध्य पूर्व के संकटों का ज़िक्र किया और उम्मीद जताई कि स्थायी शांति के लिए कोई रास्ता निकलेगा.
उन्होंने दारफ़ुर और अफ़्रीका के अन्य हिस्सों में जारी हिंसा की भी चर्चा की. पोप ने कहा, "हम प्रार्थना करते हैं कि इसराइल और फ़लस्तीनियों के बीच बातचीत शुरू हो जाए और आगे के लिए भी अच्छी प्रगति हो."
पोप ने इराक़ में भी हिंसा ख़त्म करने की अपील की. पोप के संदेश का टीवी पर सीधा प्रसारण 40 से ज़्यादा देशों में हुआ.
कार्यक्रम
रोम में सेंट पीटर्स बैसीलिका में आयोजित समारोह में पोप बेनेडिक्ट शामिल हुए. पोप ने ख़ास तौर पर अपने संदेश में दुनिया भर के उपेक्षित बच्चों की दयनीय स्थिति का ज़िक्र किया.
उन्होंने कहा, "प्रभु ईसामसीह का बालरूप हमारा ध्यान उन बच्चों की ओर खींच रहा है जो इस दुनिया में दुख झेल रहे हैं, जिनके साथ बुरा वर्ताव हो रहा है, जो हिंस वाले इलाक़ों में बतौर सैनिक तैनात हैं, जिन्हें भीख माँगनी पड़ रही है और जिन्हें प्यार नहीं मिल रहा है."
पोप ने कहा, " हम प्रर्थना करते हैं कि ईश्वर का प्यार इन सभी बच्चों तक पहुँचे. हम अपनी ओर से बच्चों की गरिमा का सम्मान करने में अपनी भूमिका निभाएँ."
समारोह में एक वरिष्ठ पादरी ने अरबी में पढ़े गए संदेश में मध्य-पूर्व में शांति की अपील की.
उन्होंने ईसाईयत,यहूदीवाद और इस्लाम के बीच पस्पर संवाद, समझ और सहयोग को प्रोत्साहित करने की अपील की.
बेथेलहेम
फ़लस्तीनी इलाक़े में रहने वाले ईसाई समुदाय के लोगों ने ईसा मसीह के जन्मस्थल बेथेलहम में क्रिसमस मनाया. यहाँ भी यरूशलम के वरिष्ठ पादरी मिशेल साबा ने क्षेत्र में जारी संघर्ष ख़त्म करने की अपील की.
उन्होंने फ़लस्तीनी और इसराइली राजनीतिक-सैनिक नेताओं से अपने विवेक की समीक्षा करने का आह्वान किया.
साबा ने फ़लस्तीनी क्षेत्रों में हाल के दिनों में बढ़ी हिंसा की निंदा की. ब्रिटेन की महारानी एलिज़ाबेथ ने देश के सैनिकों को क्रिसमस के अवसर पर दिए गए विशेष संदेश में उनके प्रति आभार व्यक्त किया है.
वो हर साल क्रिसमस के दिन राष्ट्र को संबोधित करती हैं लेकिन पिछले कुछ वर्षों में ऐसा सिर्फ़ दूसरी बार हुआ है जब उन्होंने ब्रितानी सैनिकों के लिए अलग से संदेश रिकॉर्ड कराया.
एलिज़ाबेथ ने स्वीकार किया कि इराक़ और अफ़ग़ानिस्तान में तैनात ब्रिटिश सैनिकों को ख़तरों से जूझना पड़ रहा है.
भारत
भारत के राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने देशवासियों को क्रिसमस की बधाई दी है.
राष्ट्रपति ने अपने संदेश में कहा, "हर आदमी के दिल में प्यार और दयालुता की भावना आए और हमारे बीच शांति और सदभाव पनपे."
प्रधानमंत्री ने कहा कि क्रिसमस सिर्फ़ ईसाइयों नहीं बल्कि सभी धर्मों के लोगों के लिए बेहद हर्षोल्लास का दिन है. उनका कहना था, "क्रिसमस इस वर्ष शांति और सबके लिए खुशहाली लाए."