शनिवार, 23 दिसंबर, 2006 को 17:35 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सर्वसम्मति से ईरान पर प्रतिबंध लगाने का एक प्रस्ताव पारित किया है. ये प्रस्ताव ईरान के परमाणु कार्यक्रम के संदर्भ में लगाया गया है.
इस प्रस्ताव के मुताबिक ईरान से माँग की गई है कि वह अपना यूरेनियम संवर्द्धन का कार्यक्रम बंद करे और परमाणु अप्रसार के बारे में अपनी ज़िम्मेदारियाँ निभाए.
इस प्रस्ताव के अनुसार ईरान के परमाणु कार्यक्रम से संबंधित सामान के आयात और निर्यात पर प्रतिबंध लगाया गया है.
इसके अलावा ईरान को परमाणु तकनीक देने पर प्रतिबंध लगाया गया है, उसकी कुछ पूँजी को 'फ़्रीज़' किया गया है और कुछ लोगों के आने-जाने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है.
ईरान पर प्रतिबंध लगाने के प्रस्ताव के पिछले मसौदे में ब्रिटेन, फ़्रांस और जर्मनी ने कुछ संशोधन किए ताकि रूस की कुछ आपत्तियों का समाधान हो सके.
कुछ विशेष ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं की विदेशों में संपत्ति को 'फ़्रीज़'
करने यानि उनकी बिक्री या ख़रीद और उनमें से पैसा निकालने या डालने पर रोक को लेकर रूस को कुछ चिंताएँ थीं.
कुछ पश्चिमी देशों ने ईरान पर परमाणु हथियार बनाने की कोशिशों का आरोप लगाया है लेकिन ईरान का कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम केवल शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है.
'ईरान की सुरक्षा घटेगी'
संयुक्त राष्ट्र में ईरना के प्रतिनिधि ने चेतावनी दी कि 'परमाणु हथियार विकसित करने की ईरान की कोशिश' से ईरान कम सुरक्षित होगा, ज़्यादा नहीं.
सुरक्षा परिषद में मतदान से पहले रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने फ़ोन पर इस मुद्दे पर चर्चा की और एकजुट होकर इस मुद्दे पर अपना रवैया रखने पर सहमत हुए.
संयुक्त राष्ट्र में अमरीकी दूत का कहना था कि प्रस्ताव से ईरान को कड़ी चेतावनी दी गई है कि यदि वह अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी का विरोध जारी रखता है तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं.