शनिवार, 23 दिसंबर, 2006 को 22:35 GMT तक के समाचार
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सर्वसम्मति से ईरान पर प्रतिबंध लगाने पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय में सतर्कतापूर्ण प्रतिक्रिया हुई है.
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के प्रतिनिधि जवाद ज़रीफ़ ने कहा है कि सुरक्षा परिषद का फ़ैसला अन्यायपूर्ण है और सुरक्षा परिषद के अधिकार क्षेत्र के बाहर है.
ईरान ने संकेत दिए हैं कि वह अपना परमाणु कार्यक्रम जारी रखेगा और उसका कहना है कि उसका परमाणु कार्यक्रम शांतिपूर्ण मकसदों के लिए है.
जवाद ज़रीफ़ के अनुसार, "ये परमाणु अप्रसार के लिए दुखद दिन है. जिन सरकारों ने बिना कारण ईरान के शांतिपूर्ण कार्यक्रम के ख़िलाफ़ कदम उठाने को बढ़ावा दिया, उन्हीं सरकारों ने इसराइल पर परमाणु अप्रसार के नियमों को लागू करने में रुकावट पैदा की है."
उधर फ़्रांस के विदेश मंत्री फ़िलिप डउस्ट-ब्लेज़ी का कहना था, "अब हमारा मकसद है कि ईरान को अंतरराष्ट्रीय प्रतिबद्धता के मुताबिक काम करने के लिए मनाया जाए."
संयुक्त राष्ट्र में जापान के दूत का कहना था इस प्रस्ताव का मकसद ईरान से अपील करना है कि ईरान को ये मुद्दा जल्द से जल्द कूटनीतिक वार्ता के ज़रिए हल करना होगा. उनका कहना था कि ये असंभव भी नहीं है.
संयुक्त राष्ट्र में ब्रितानी दूत का कहना था कि ईरान के सामने विकल्प है. उनका कहना था कि सुरक्षा परिषद का मतदान उस विकल्प की गंभीरता दर्शाता है और ये भी दिखाता है कि परिषद ईरात के बर्ताव को किस गंभीरता से देखता है.
इसराइल का कहना था कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर रोक लगाने की दृढ़ता दिखाता रहेगा.