शनिवार, 23 दिसंबर, 2006 को 20:23 GMT तक के समाचार
इसराइल के प्रधानमंत्री एहुद ओल्मर्ट और फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास के बीच लगभग दो साल में पहली बार औपचारिक बैठक हुई है.
दोनो पक्षों की ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आए हैं लेकिन प्रधानमंत्री ओल्मर्ट और फ़लस्तीनी नेता अब्बास ने हाल में कहा है कि वे शांति वार्ता दोबारा शुरु करना चाहते हैं.
लेकिन दोनो पक्षों ने इस संदर्भ में जल्द प्रगति होने की संभावना को ज़्यादा बढ़ावा नहीं दिया है.
'इसराइल दस करोड़ डॉलर देगा'
दोनो नेता येरुशलम में प्रधानमंत्री ओल्मर्ट के निवास पर दो घंटे के लिए मिले.
बैठक में मौजूद एक फ़लस्तीनी वार्ताकार साएब अराकात का कहना था कि प्रधानमंत्री ओल्मर्ट फ़लस्तीनी को दस करोड़ डॉलर देने पर सहमत हो गए हैं.
फ़लस्तीनियों के लिए एकत्र किए गए इस कर को, हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार के सत्ता में आने के बाद, इसराइल ने पहले देने से मना कर दिया था.
अराकात का ये भी कहना था कि इसराइल गज़ा के बाद पश्चिमी तट में संघर्षविराम को बढ़ाने की संभावना पर विचार करेगा और इसके बाद और बैठकें भी होंगी.
बीबीसी संवाददाता कात्या एडलर का कहना है कि ये बैठक दोनों तरफ़ के अधिकारियों के बीच कई महीने की तैयारी के बाद हुई लेकिन इसे शांति वार्ता नहीं कहा जा सकता, बल्कि ये केवल विश्वास बढ़ाने की कोशिश थी.
अब्बास ने असफलता मानी
इसराइल बार-बार कहता आया है कि वह हमास के नेतृत्व वाली फ़लस्तीनी सरकार के साथ बातचीत नहीं करेगा. हमास इसराइल को मान्यता नहीं देता.
उधर फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास का कहना है कि वे हमास के रवैए में बदलाव लाने में असफल रहे हैं.
उन्होंने दोबारा चुनाव कराए जाने का फ़ैसला किया है लेकिन हमास ने इसकी निंदा करते हुए इसे 'तख़्तापलट' की कोशिश बताया है.
फ़लस्तीनी पक्षों के बीच मतभेद के कारण झड़पे हुई हैं जिनमें कई लोग मारे गए हैं.