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शुक्रवार, 22 दिसंबर, 2006 को 00:21 GMT तक के समाचार

अल-सद्र फिर सरकार में लौटने को राज़ी

ख़बरें है कि इराक़ के प्रभावशाली शिया धार्मिक नेता मुक़्तदा अल-सद्र ने अपने समर्थकों को उनके सरकारी पदों पर वापस लौटने की अनुमति दे दी है.

इराक़ के प्रधानमंत्री और अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश के बीच हुई मुलाक़ात के बाद से शिया नेता ने सरकार का बहिष्कार कर रखा था.

मुक़्तदा अल-सद्र के समर्थकों और बड़े शिया राजनीतिज्ञों के बीच नज़फ़ में हुई बैठक के बाद यह सहमति बनी है.

शियाओं के दबदबे वाली इराक़ की सरकार चाहती थी कि मुक़्तदा अल-सद्र राजनीति में लौट आएँ.

कोई तीन हफ़्ते पहले जब प्रधानमंत्री नूरी अल-मलिकी जॉर्डन में अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से मिले थे और इसी के कारण शिया नेता अल-सद्र के 30 समर्थक संसद से निकल आए थे.

उनके इस फ़ैसले से सरकार को बड़ा झटका लगा था और इससे यह भी पता चल गया था युवा शिया नेता का कितना असर देश पर है.

नज़फ़ में जो प्रतिनिधि मंडल मुक़्तदा अल-सद्र से मिलने गया था, उसमें सात शिया गुटों के नेता थे जो सरकार का सबसे अहम हिस्सा बनाते हैं.

यह प्रतिनिधि मंडल शिया नेता को यह भी मनाने में लगे हुए थे कि वे अपने लड़ाकों, जिसे मेहदी सेना कहा जाता है, पर लगाम लगाएँ, लेकिन अब तक ऐसा कुछ होता नहीं दिख रहा है.

उल्लेखनीय है कि इराक़ में चल रही सांप्रदायिक हिंसा में मेहदी आर्मी का भी हाथ माना जाता है.

यह प्रतिनिधि मंडल एक और प्रभावशाली शिया नेता आयतुल्ला अली अल-सिस्तानी से भी मिल रहा है.

समझा जाता है कि यह प्रतिनिधि मंडल उनको सरकार गठन के लिए नए गठबंधन की जानकारी भी दे रहा है जिसमें कुर्द और सुन्नी गुटों को भी शामिल किया जाएगा.

इराक़ में विभाजित समुदायों को एक साथ लाकर राजनीतिक एकजुटता हासिल करने की कोशिश के तहत ये प्रयास किए जा रहे हैं.