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सोमवार, 18 दिसंबर, 2006 को 12:39 GMT तक के समाचार

ब्लेयर ने हमास को दोषी ठहराया

ब्रिटिश प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने फ़लस्तीनी सत्तारूढ़ दल हमास को फ़लस्तीनी क्षेत्र में संकट उत्पन्न करने का दोषी ठहराया है.

पश्चिमी तट का दौरा कर रहे टोनी ब्लेयर ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से फ़लस्तीनी राष्ट्रपति महमूद अब्बास को समर्थन दिए जाने की अपील की.

उनका कहना था कि हमास की नीतियों पर गतिरोध जल्द चुनाव कराके ही समाप्त किया जा सकता है.

टोनी ब्लेयर ने कहा कि वे फ़लस्तीनी नेता के शांति प्रयासों की सराहना करते हैं और चाहते हैं कि शांति वार्ताएँ आगे बढ़ें, उन्होंने कहा कि शांति प्रक्रिया में किसी को रोड़े नहीं अटकाना चाहिए.

ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर से मुलाक़ात के बाद इसराइली प्रधानमंत्री एहूद ओलमर्ट ने फ़लस्तीनी नेता महमूद अब्बास से जल्द मुलाक़ात की उम्मीद जताई.

हालांकि हमास और महमूद अब्बास के दल फ़तह में संघर्ष विराम पर समझौता हो गया था लेकिन सोमवार को ग़ज़ा में हिंसा की घटनाएँ हुईं.

ग़ौरतलब है कि फ़तह और हमास के बीच जारी टकराव की वजह से फ़लस्तीनी इलाक़ों में प्रशासन बिल्कुल ठप पड़ गया है.

बहिष्कार की धमकी

दूसरी ओर हमास के एक वरिष्ठ नेता ख़ालिद मेशाल ने कहा है कि उनका संगठन जल्द चुनाव रोकने के लिए सभी शांतिपूर्ण तरीके अपनाएगा.

ख़ालिद मेशाल ने कहा है कि अगर फ़लस्तीनी इलाक़े में समय से पहले चुनाव कराएगा तो हमास उनका बहिष्कार करेगा.

फ़लस्तीनी प्रशासन के शीर्ष नेता और प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दल फ़तह के प्रमुख महमूद अब्बास ने घोषणा की है कि शांति प्रक्रिया शुरू करने के लिए देश में समय से पहले चुनाव कराया जाना ज़रूरी है.

ख़ालिद मेशाल ने कहा कि महमूद अब्बास की ''यह घोषणा पूरी तरह से ग़ैरक़ानूनी है और हमास इसे कभी स्वीकार नहीं करेगा."

तनाव दूर करने के उपाय के रूप में महमूद अब्बास ने फ़लस्तीनी आम चुनाव समय से पहले कराने का सुझाव दिया है.

पिछले चुनाव में हमास को भारी बहुमत हासिल हुआ था और हमास का मानना है कि उन्हें सत्ता से हटाने के लिए ही अब्बास ऐसा सुझाव दे रहे हैं.

चुनाव जीतकर हमास के प्रशासन संभालने के बाद से अंतरराष्ट्रीय बिरादरी ने फ़लस्तीनी क्षेत्र के आर्थिक सहायता बंद कर दी है क्योंकि हमास को वे एक चरमपंथी संगठन मानते हैं.

हमास पर दबाव है कि वह इसराइल के अस्तित्व को स्वीकार कर ले और हथियारबंद संघर्ष की बात छोड़े दे जिसके लिए हमास तैयार नहीं है.