रविवार, 17 दिसंबर, 2006 को 04:37 GMT तक के समाचार
इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी ने सद्दाम हुसैन के पूर्व सैनिकों से हिंसा ख़त्म करने के अभियान में शामिल होने का आह्वान किया है.
इराक़ की राजधानी बग़दाद में आयोजित एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए मलिकी ने सद्दाम हुसैन के वफ़ादार रहे पूर्व सैनिकों को कई तरह की रियायतें देने की घोषणा की.
उन्होंने कहा कि विद्रोही गुटों से हो रही समस्या को दूर करने की ज़रूरत है. मलिकी के इस बयान को सुन्नी समुदाय को साथ लेने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
जातीय हिंसा को ख़त्म करने के लिए शिया और सुन्नी समुदाय के उदारवादी धरों के बीच बातचीत शुरू होने से ठीक पहले प्रधानमंत्री ने ये बयान दिया है.
हिंसा
हिंसा ख़त्म करने की कोशिश के तहत सभी पक्षों के लोगों को इस बैठक में बुलाया गया है. इसमें सद्दाम हुसैन की बाथ पार्टी के पूर्व सदस्य भी शामिल हैं.
प्रधानमंत्री ने बाथ पार्टी समर्थकों से कहा, "इराक़ी सेना पूर्व सेना के अधिकारियों और जवानों के लिए द्वार खोल रही है जो देश की सेवा करना चाहते हैं."
इराक़ में पिछले कुछ महीनों से हिंसक घटनाएँ बढ़ी हैं. अग़र औसत निकाला जाए तो हर दिन लगभग 100 इराक़ी हिंसा के शिकार हो रहे हैं.
पुलिस का कहना है कि शनिवार को ही बग़दाद के अलग अलग हिस्सों से गोलियों से छलनी 53 शव बरामद किए गए.
वर्ष 2003 में इराक़ पर हमले के बाद अमरीकी नियंत्रण वाली सरकार ने वहाँ की सेना भंग कर दी थी. जानकारों का कहना है कि इस सेना के अधिकतर जवानों ने सुन्नी चरमपंथी संगठनों से हाथ मिला लिया.