रविवार, 17 दिसंबर, 2006 को 11:29 GMT तक के समाचार
इराक़ की राजधानी बग़दाद से बंदूकधारियों ने राहत एजेंसी रेड क्रीसेंट के कई कर्मचारियों को अगवा कर लिया है.
अधिकारियों के अनुसार राजधानी बग़दाद के मध्य में स्थित रेड क्रीसेंट के कार्यालय से क़रीब 30 कर्मचारियों और वहाँ आए लोगों को अगवा कर लिया गया है.
कमांडो की पोशाक पहने क़रीब 20 हथियारबंद लोग कई गाड़ियों में रेड क्रीसेंट के दफ़्तर में पहुँचे थे. अंदर पहुँचने के बाद बंदूकधारियों ने पुरुषों और महिलाओं को अलग-अलग कर दिया.
ये घटना ऐसे समय में हुई है जब ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर अचानक इराक़ के दौरे पर पहुँचे हैं. रेड क्रीसेंट इराक़ में सहायता कार्य में जुटी सबसे बड़ी राहत एजेंसी है.
इराक़ में रेड क्रीसेंट के एक हज़ार कर्मचारी और दो लाख से ज़्यादा स्वयंसेवक हैं. इराक़ में काम करने वाले राहत संगठनों में रेड क्रीसेंट ही एकमात्र है जो देश के 18 प्रांतों में काम करता है.
घटना
इराक़ी अधिकारियों के अनुसार बंदूकधारी देश के स्पेशल कमांडो की पोशाक में थे. उन्होंने बताया कि उन्हें परिसर का निरीक्षण करने को कहा गया था.
लेकिन अंदर पहुँचने के बाद उन्होंने लोगों को घेर लिया. अगवा किए गए लोगों में तीन इराक़ी गार्ड भी शामिल हैं जो बगल में स्थित नीदरलैंड्स के दूतावास में तैनात थे.
कुछ दिन पहले ही बंदूकधारियों ने बग़दाद के एक व्यावसायिक इलाक़े से क़रीब 70 लोगों का अपहरण कर लिया था. हालाँकि इनमें से कई लोगों को बाद में छोड़ दिया गया.
अपहरण की ऐसी कई घटनाओं के लिए शिया विद्रोहियों को ज़िम्मेदार ठहराया जाता रहा है.
बग़दाद से बीबीसी संवाददाता जिम म्यूर का कहना है कि इराक़ में यह भी संदेह व्यक्त किया जा रहा है कि पुलिस बल में चरमपंथियों ने घुसपैठ कर ली है और उनमें अंतर कर पाना मुश्किल हो रहा है.