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शनिवार, 16 दिसंबर, 2006 को 11:40 GMT तक के समाचार

अमरीका ने जल्दी चुनाव का स्वागत किया

फ़लस्तीनी प्रशासन के प्रमुख महमूद अब्बास ने राजनीतिक संकट दूर करने के लिए जल्दी चुनाव कराने की बात कही है. हालाँकि उन्होंने चुनाव के लिए कोई तारीख़ नहीं तय की.

इधर अमरीका राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने उम्मीद जताई है कि फ़लस्तीनी चुनावों से हिंसा रोकने में मदद मिलेगी.

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर ने भी अंतरराष्ट्रीय समुदाय से महमूद अब्बास की योजना को समर्थन देने की अपील की है.

लेकिन हमास ने चुनाव के संबंध में महमूद अब्बास के बयान को ख़ारिज़ कर दिया है और इसे 'विद्रोह की कोशिश' जैसा बताया है.

जनवरी में हुए चुनाव में हमास ने सत्ता पर नियंत्रण कर लिया था और इस समय हमास नेता इस्माईल हानिया फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री हैं.

महमूद अब्बास ने कहा कि फ़लस्तीनी क्षेत्रों में जारी हिंसा को रोकने के लिए राजनीतिक हल की ज़रूरत है. उन्होंने कहा कि हिंसा के कारण गृह युद्ध की आशंका व्यक्त की जा रही है.

रामल्ला में अपने भाषण में महमूद अब्बास ने कहा कि राजनीतिक सहमति के बिना सही मायने में सुरक्षा व्यवस्था क़ायम नहीं रह सकती.

उन्होंने हमास की सरकार की आलोचना की और कहा कि सरकार फ़लस्तीनियों में तनाव कम करने के लिए ज़रूरी क़दम नहीं उठा रही.

अब्बास ने कहा कि पश्चिम के दाता देशों की ओर से वित्तीय सहायता जारी करने के बारे में भी सरकार कुछ नहीं कर रही.

उन्होंने कहा, "अगर हम अपने आप से ये पूछें कि ऐसा क्यों हो रहा है, तो जवाब हम सभी जानते हैं. हिंसा है, सुरक्षा व्यवस्था नहीं है. इसलिए हम राजनीतिक हल तलाश रहे हैं."

अधिकार

जल्द चुनाव कराने की अटकलों के बीच महमूद अब्बास ने कहा कि उन्हें हमास की सरकार को बर्ख़ास्त करने का अधिकार है. हमास के सरकार में आने के बाद से ही पश्चिमी देशों ने वित्तीय सहायता बंद कर दी है.

पश्चिमी देश हमास को चरमपंथी संगठन मानते हैं. हमास भी पश्चिमी देशों की मांग के बावजूद इसराइल को मान्यता देने से इनकार करता रहा है.

बीच में पश्चिमी सहायता बहाल करने के उद्देश्य से राष्ट्रीय एकता सरकार के गठन की भी बात उठी थी लेकिन महमूद अब्बास की फ़तह पार्टी और हमास के बीच इस पर समझौता नहीं हो पाया.

फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माईल हानिया पर हुए हमले के बारे में अब्बास ने किसी साज़िश से इनकार किया. गुरुवार को हानिया के काफ़िले पर गोलीबारी हुई थी, जिसमें उनका एक अंगरक्षक मारा गया था.

हमास के कुछ नेताओं ने इस हमले के लिए फ़तह के एक वरिष्ठ सदस्य को ज़िम्मेदार ठहराया है. इस मामले पर हमास और फ़तह समर्थकों के बीच कई जगह झड़पें भी हुई हैं.