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शुक्रवार, 15 दिसंबर, 2006 को 05:56 GMT तक के समाचार

हानिया पर गोलीबारी 'हत्या की साज़िश'

हमास ने फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया के काफ़िले पर हुई गोलीबारी को प्रतिद्वंद्वी गुट फ़तह की रची हुई हत्या की साज़िश बताया है.

उल्लेखनीय है कि मिस्र से लगी सीमा के पास घंटो रोके जाने के बाद फ़लस्तीनी प्रधानमंत्री इस्माइल हानिया गज़ा वापस लौटने की अनुमति दी गई तो उनके काफ़िले पर गोलीबारी हुई.

इस गोलीबारी में हानिया के बेटे को गोली लग गई है पर वो बच गए हैं. बताया गया है कि उन्हें गंभीर चोटें नहीं आई हैं.

इसमें एक सुरक्षाकर्मी की मौत हुई है.

हानिया को इसराइली अधिकारियों ने मिस्र से लगी सीमा के पास एक नाके को बंद करके रोक लिया था ताकि वो ईरान से गज़ा वापस न लौट सकें.

बीबीसी के संवाददाता एलन जॉनस्टन का कहना है कि जब नाके के पास गोलीबारी हुई तो हानिया के सुरक्षागार्डों ने उन्हें घेर लिया था.

उनका कहना है कि हानिया को गोलियों से बचाने के लिए उनकी जीप को जिस तरह से चलाना पड़ा वह सब टेलीविज़न कैमरे में है.

धनराशि

हानिया कोई आठ घंटे तक सीमा पर ही रुके रहे. इस दौरान बातचीत और समझौते का सिलसिला चलता रहा जिसमें मिस्र की ओर से मध्यस्थता के बाद ही वो वापस लौट सके हैं.

बताया जा रहा था कि इस्माइल हानिया अपने साथ ईरान से तीन करोड़ डॉलर से भी ज़्यादा की नकद धनराशि लेकर आ रहे हैं.

हालांकि हानिया बिना पैसे के ही वापस लौट सके हैं. उन्हें यह रकम मिस्र की ओर ही छोड़ी पड़ी है.

इससे पहले इसराइल ने कहा था कि इस्माइल हानिया को गज़ा में तभी आने दिया जाएगा जब वो अपने साथ ला रहे करोड़ों डॉलर की धनराशि को मिस्र में ही छोड़ दें.

इसराइल का कहना है कि यह धनराशि उसके ख़िलाफ़ चलाए जा रहे चरमपंथी अभियान में इस्तेमाल किए जाने के लिए लाई जा रही थी.

उल्लेखनीय है कि इसराइल सहित अमरीका और यूरोपीय संघ भी हमास को एक चरमपंथी संगठन मानते हैं.

हानिया के रोके जाने के बाद इसराइली रक्षा मंत्री आमिर पेरेट्ज़ ने यूरोपीय संघ अधिकारियों से कहा है कि रफ़ाह चौकी बंद कर दी जाए.

वहीं हमास के कार्यकर्ता इस बात से काफ़ी नाराज़ थे कि इस्माइल हानिया को रोक लिया गया है. उन्होंने सुरक्षा बलों से झड़प भी की.

एपी समाचार एजेंसी के मुताबिक चौकी पर तैनात फ़लस्तीनी प्रेसिडेंशियल गार्ड ने हमास कार्यकर्ताओं पर गोलीबारी की.