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बुधवार, 13 दिसंबर, 2006 को 12:32 GMT तक के समाचार

चीन में ग्रामीण बच्चों को फ़ीस में छूट

चीन ने पंद्रह करोड़ ग्रामीण छात्रों का ट्यूशन तथा अन्य शैक्षिक शुल्क समाप्त करने का फ़ैसला किया है.

यह क़दम धनी और ग़रीब राज्यों के बीच की खाई को कम करने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है.

यह योजना आगामी सत्र से लागू कर दी जाएगी.

इस फ़ैसले के तहत छात्रों के लिए नौ वर्षों की अनिवार्य शिक्षा को ट्यूशन शुल्क से मुक्त किया जाएगा.

चाइना डेली के अनुसार इस योजना पर 1.9 अरब डॉलर या 15 अरब युआन खर्च होने का अनुमान है. यानी एक बच्चे पर 18 डॉलर का खर्च आएगा.

इस योजना में वे बच्चे शामिल नहीं किए जाएँगे जो बड़े शहरों में चले गए हैं.

अख़बार के अनुसार यह क़दम किसानों के ऊपर से आर्थिक बोझ कम करने और ग्रामीण क्षेत्रों के विकास की नीति का एक हिस्सा है.

इस योजना के पहले चरण में पश्चिमी राज्यों के पाँच करोड़ ग़रीब छात्रों को शुल्क में छूट दी गई है.

सिद्धांत रूप में इस समय चीन में छह से पंद्रह वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए मुफ़्त या लगभग मुफ़्त शिक्षा की व्यवस्था है.

लेकिन व्यवहारिक तौर पर ऐसा नहीं होता क्योंकि पैसे के अभाव के चलते स्कूल अतिरिक्त शुल्क लेते हैं.

नेशनल ब्यूरो ऑफ़ स्टैटेटिक्स के अनुसार 2004 में चीन के ग्रामीण लोगों की औसत आमदनी 367 अमरीकी डॉलर थी.

लेकिन आज भी ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे लोगों की संख्या काफ़ी है जिनकी रोज़ाना की आमदनी एक डॉलर से भी कम है. परिणामस्वरूप ग्रामीण क्षेत्रों में पढ़ाई का स्तर काफ़ी नीचे है.

चीन में शहरों और गाँवों के बीच बढ़ती खाई से अशांति समेत अनेक समस्याएँ बढ़ी हैं जिस कारण इस दिशा में अधिकारियों की चिंताएं भी बढ़ी हैं.

चीन की इस योजना को सामाजिक सदभाव बढ़ाने का प्रयास भी माना जा रहा है.