http://www.bbcchindi.com

शनिवार, 09 दिसंबर, 2006 को 05:18 GMT तक के समाचार

आशुतोष चतुर्वेदी
बीबीसी संवाददाता, दिल्ली

भारत-परमाणु समझौता अख़बारों में छाया

भारत के सभी अख़बारों ने भारत अमरीका परमाणु समझौते की ख़बर को प्रमुखता दी है. सभी अख़बारों ने इसे बैनर शीर्षक बनाया है.

दैनिक जागरण का शीर्षक है-हक़ीक़त की चौखट पर परमाणु करार.

अख़बार लिखता है कि ऐतिहासिक भारत-अमरीका परमाणु करार हक़ीक़त की चौखट तक पहुँच गया है. अमरीकी प्रतिनिधि सभा में चर्चा के बाद हुए मतदान में यह विधेयक भारी बहुमत से पारित हो गया. यह करार भारत की प्रगति के असीमित द्वार खोलनेवाला साबित होगा.

राष्ट्रीय सहारा की सुर्खी है- परमाणु करार पर मुहर समझो लगी. अख़बार लिखता है कि भारत अमरीका परमाणु संधि को वास्तविकता के बेहद करीब लाते हुए अमरीकी प्रतिनिधि सभा ने इसकी राह में आए आख़िरी कांटे को भी दूर कर दिया है.

नवभारत टाइम्स का शीर्षक है-सभी शर्तें नहीं मानी जाएंगी.

अख़बार लिखता है कि भारत-अमरीका परमाणु समयोग के लिए अमरीकी कांग्रेस में पेश साझा विधेयक का भारत ने स्वागत किया है. लेकिन यह भी स्पष्ट कर दिया है कि भारत केवल उन्हीं शर्तों को मानेगा जो द्विपक्षीय समझौते में होंगी.

जनसत्ता का शीर्षक है- परमाणु करार को मंज़ूरी का रास्ता साफ़.

समाचारपत्र के अनुसार भारत को विश्व के अन्य देशों के साथ परमाणु ईंधन के व्यापार की अनुमति देनेवाले ऐतिहासिक समझौते को अमली जामा पहनाने का रास्ता साफ़ हो गया है.

पंजाब केसरी की सुर्खी है कि परमाणु समझौते को अंतिम रूप, भारत की आपत्तियाँ हटाईं गईं. अख़बार लिखता है कि अमरीकी कांग्रेस इसे अमली जामा पहनाने को तैयार है.

अमर उजाला लिखता है कि एटमी करार पर मुहर के साथ ही भारत और अमरीका के बीच पिछले तीन दशकों से जारी परमाणु अलगाव अब खत्म होने के करार पर है.

अंग्रेज़ी दैनिक इंडियन एक्सप्रेस की हेडिंग है- क़ानून के साथ भारत का परमाणु अलगाव खत्म.

टाइम्स ऑफ़ इंडिया की हेडिंग है-समझौते का रास्ता साफ़.

अख़बार के अनुसार परमाणु समझौते को लेकर सारी बाधाएँ दूर हो गईं हैं और सोमवार को राष्ट्रपति बुश इस पर हस्ताक्षर कर देंगे.