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शनिवार, 09 दिसंबर, 2006 को 00:02 GMT तक के समाचार

'डायना का ड्राइवर नशे में ही था'

बीबीसी की एक डॉक्युमेंट्री से इस सबूत की पुष्टि होती है कि 1997 में दुर्घटना के समय राजकुमारी डायना की कार का ड्राइवर नशे में ही था.

परीक्षणों से पता चलता है कि पोस्टमॉर्टम के समय जिस ख़ून के नमूने जाँच रिपोर्ट से ज़ाहिर होता था कि ड्राइवर हेनरी पॉल फ़्रांसिसी पैमाने के अनुसार तीन गुना ज़्यादा शराब पिए हुए था, वह रिपोर्ट सही थी.

डायना की मौत पर बनी इस डॉक्युमेंट्री में बताया गया है कि फ़्रांसिसी अधिकारियों ने डीएनए टेस्ट किया था.

जो लोग डायना की मौत को एक षडयंत्र मानते हैं वो मानते हैं कि हेनरी पॉल के ख़ून के नमूने बदल दिए गए थे.

कुछ लोगों का मानना है कि ड्राइवर पॉल को नशे में धुत्त इसलिए बताया गया क्योंकि इससे ख़ुफ़िया एजेंसियों की डायना को मारने के षडयंत्र को छिपाया जा सकता था.

लेकिन डीएनए टेस्ट से बताया जा सकता है कि ड्राइवर के ख़ून का नमूना बदला नहीं गया था.

नई जाँच

राजकुमारी डायना की मौत पर लॉर्ड स्टीवेंस की रिपोर्ट प्रकाशित होने के पहले इन नए तथ्यों का पता चला है.

फ़्रांसिसी अधिकारियों का कहना है कि उन्होंने डीएनए जाँच पिछले एक साल के भीतर की है.

पॉल के ख़ून के नमूने से डीएनए सैंपल लिए गए थे और उसे उनके माँ-बाप के डीएनए से मिलाया गया और दोनों एक जैसे पाए गए.

लॉर्ड स्टीवेंस के जाँच दल ने डायना की मौत से जुड़ी षडयंत्र के कई क़िस्सों की जाँच की है.

अगस्त 1997 में फ़्रांस में एक मर्सिडीज़ कार में जाते हुए राजकुमारी डायना, उनके मित्र डोडी अल-फ़ायद और ड्राइवर हेनरी पॉल तीनों की मौत हो गई थी.

फ़्रांस के अल्मा टनल में हुई इस दुर्घटना को लेकर फ़्रांस के इतिहास की सबसे बड़ी जाँच की गई थी और देश के सबसे बड़े आपराधिक ब्रिगेड ने दो वर्षों की जाँच के बाद कहा था कि डायना की मौत एक त्रासदीपूर्ण हादसा थी.

इस जाँच के बाद कहा गया था कि ड्राइवर नशे में था और वह कार बहुत तेज़ चला रहा था.

हालांकि षडयंत्र की चर्चा ने लोगों की कल्पनाशीलता को हवा दे दी और इसके बाद फ़्रासिसी जाँच रिपोर्ट को लोग संदेह के साथ देखने लगे.

संदेह करने वालों का कहना है कि दुर्घटना में शांमिल एक दूसरी कार के ड्राइवर से पूछताछ क्यों नहीं की गई और सिर्फ़ चार मील की दूरी पर स्थित अस्पताल तक डायना को पहुँचाने में दो घंटे का समय क्यों लगा.

राजसी परिवार के जीवनी लेखक निकोलस डेविस का कहना है कि जाँच में कई सवाल अनुत्तरित छोड़ दिए गए.