बुधवार, 06 दिसंबर, 2006 को 14:13 GMT तक के समाचार
इराक़ में अमरीका की भावी नीति पर इराक़ स्टडी ग्रुप के सदस्य अपनी रिपोर्ट मीडिया के सामने पेश की है.
रिपोर्ट में कहा गया है कि समस्या को सुलझाने के लिए कोई जादुई फ़ॉर्मलू नहीं है.
अमरीकी राष्ट्रपति बुश और कांग्रेस के नेताओं को ये रिपोर्ट पहले ही पेश कर दी गई थी.
इराक़ स्टडी ग्रुप के अध्यक्ष ली हैमिल्टन ने रिपोर्ट पेश करते हुए कहा कि इराक़ में स्थिति ख़राब है और हालत बद से बदतर हो रहे हैं.
उन्होंने कहा कि ऐसा कोई रास्ता नहीं है जो सफलता की गारंटी दे सके पर हालात बेहतर बनाए जा सकते हैं.
ली हैमिल्टन ने कहा कि अमरीका को बदलाव लाने चाहिए जिसका मतलब ये होगा कि अमरीकी सैनिकों को वापस बुलाया जा सकता है और इस बीच इराक़ सरकार को लक्ष्य दिए जाएँगे.
उनका कहना था कि गुट कई अनुशंसाएँ दे रहा है. इसमें इराक़ी सेना की मदद के लिए अमरीकी सैनिकों की संख्या बढ़ाना लेकिन संघर्ष में लगे सैनिकों की संख्या घटाना शामिल है.
'ईरान-सीरिया से बात'
इस गुट के सह-अध्यक्ष जेम्स बेकर ने कहा कि समिति को लगता है कि नए कूटनीतिक अभियान की ज़रूरत है जिसमें इराक़ समर्थन गुट बनाना भी शामिल है.
इराक़, सीरिया, ईरान, मिस्र और खाड़ी देश इस गुट का हिस्सा होंगे.
रिपोर्ट पर टिप्पणी करते हुए व्हाइट हाउस ने कहा है कि इराक़ में अमरीकी नीति को लेकर आई इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट वहाँ की समस्या को सुलझाने के लिए कोई 'जादुई फ़ॉर्मूला' नहीं है.
अमरीकी राष्ट्रपति बुश ने रिपोर्ट का स्वागत करते हुए कहा है कि हर प्रस्ताव को गंभीरता से लिया जाएगा. रिपोर्ट मिलने के बाद उन्होंने कहा कि ये प्रस्ताव एक मौका है कि रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टी दोनों इराक़ मुद्दे पर मिलकर आगे का रास्ता तय करे.
इराक़ स्टडी ग्रुप की रिपोर्ट के कुछ अंश पहले ही सामने आ गए थे
सामने आए थे. टेलीवीज़न चैनल एबीसी के पास रिपोर्ट के कुछ अंश थे.
इराक़ स्टडी ग्रुप
इस रिपोर्ट के एक दिन पहले ही अमरीकी सीनेट की समिति ने नए रक्षा मंत्री के लिए रॉबर्ट गेट्स के नाम की पुष्टि की थी.
उन्होंने समिति के सामने कहा था कि अमरीका इराक़ में नहीं जीत रहा. साथ ही उन्होंने कहा था कि वे इराक़ को लेकर नए विचारों का स्वागत करते हैं.
उन्होंने आगाह किया था इराक़ की स्थिति आने वाले समय में मध्य पूर्व के हालात तय करेगी.
दस सदस्यीय इराक़ स्टडी ग्रुप का गठन इस साल अप्रैल में किया गया था.
इराक़ स्टडी ग्रुप ने करीब 170 लोगों से बात की है जिसमें इराक़ी नेता, राष्ट्रपति बुश, ब्रितानी प्रधानमंत्री टोनी ब्लेयर और इराक़ के पड़ोसी देशों के राजदूत और अधिकारी शामिल हैं.