व्हाइट हाउस ने घोषणा की है कि अमरीकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश सोमवार को वाशिंगटन में इराक़ के प्रमुख शिया नेता अब्दुल अज़ीज़ अल हकीम से मुलाक़ात करेंगे.
इराक़ में सुप्रीम कॉउन्सिल ऑफ़ इस्लामिक रिवोल्यूशन के नेता अब्दुल अज़ीज़ अल हकीम से राष्ट्रपति बुश इराक़ की स्थिति के बारे में चर्चा करेंगे.
इस शिया गुट को इराक़ी संसद में सबसे अधिक सीटें हासिल हैं. हालांकि इसकी सैन्य शाखा पर जातीय हिंसा में शामिल होने का आरोप लगता रहा है.
इसके अलावा राष्ट्रपति बुश की इराक़ के उपराष्ट्रपति तारिक़ अल हाशमी से जनवरी में मुलाक़ात की योजना है.
सक्रियता बढ़ी
बीबीसी संवाददाता का कहना है कि जॉर्डन में इराक़ी प्रधानमंत्री नूरी अल मलिकी से मुलाक़ात के बाद राष्ट्रपति बुश इराक़ के मामले में सीधे रूप से जुड़ना चाहते हैं.
इस मुलाक़ात के राष्ट्रपति बुश ने स्पष्ट किया था कि अमरीकी सेना अपना काम पूरा होने तक इराक़ में तैनात रहेगी.
साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि जबतक इराक़ की सरकार को अमरीकी सेना की ज़रूरत महसूस होगी, अमरीकी सेना वहाँ रहेगी.
उन्होंने इन बातों को भी सिरे से नकार दिया कि अमरीका इराक़ से निकल जाना चाहता है.
इससे पहले नूरी अल मलिकी ने अमरीकी राष्ट्रपति से अपनी मुलाक़ात को बिना कोई कारण बताए रद्द करने की घोषणा की थी. हालांकि बाद में दोनों नेताओं की मुलाक़ात हुई.
दरअसल इराक़ के शिया गुट ने बैठक से पहले धमकी दी थी कि यदि मलिकी और बुश की मुलाक़ात होती है तो वे मंत्रिमंडल और संसद से अलग हो जाएँगे.