गुरुवार, 30 नवंबर, 2006 को 20:26 GMT तक के समाचार
पोप बेनेडिक्ट अपनी तुर्की यात्रा के दौरान वहाँ की सबसे प्रसिद्ध मस्जिद में गए. इसे मुस्लिम समुदाय के साथ रिश्तों को सुधारने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है.
पोप इस्तांबुल की ‘ब्लू मस्जिद’ में गए और वहाँ आयोजित नमाज़ में मौलवियों के साथ खड़े हुए.
किसी मुस्लिम धर्मस्थल का दौरा करनेवाले वो दूसरे पोप बन गए हैं.
इसके पहले पोप जॉन पॉल द्वितीय ने मस्जिद का दौरा किया था. वो सन् 2001 में दमिश्क की यात्रा के दौरान एक मस्जिद में गए थे.
इसके पहले पोप बेनेडिक्ट ने हागिया सोफ़िया संग्रहालय का दौरा किया था. यहाँ ईसाई और मुस्लिम धर्म से संबंधित सामग्री रखी गई है.
किसी मुस्लिम बहुल देश की पहली यात्रा पर गए पोप ने कहा कि दोनों धर्मों को एक दूसरे के बारे में जानने की संजीदा कोशिश करनी चाहिए.
विरोध
लेकिन वहाँ लगभग 150 लोगों ने उनकी इस यात्रा के विरोध में प्रदर्शन किया. उनकी यात्रा के ख़िलाफ़ तुर्की में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं.
हज़ारों लोगों ने पिछले हफ़्ते इस्तांबुल में प्रदर्शन किया था और पोप से सितंबर में इस्लाम पर की गई टिप्पणी के मद्देनज़र यात्रा रद्द करने या फिर माफ़ी माँगने की माँग की थी.
जर्मनी में दिए एक भाषण में पोप ने मध्यकाल के एक सम्राट मैनुअल द्वितीय के उन शब्दों का ज़िक्र किया था जिनमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के कुछ संदेशों को "दुष्टता और अमानवीयता" कहकर आलोचना की थी.
पोप के उस भाषण के बाद मुसलमानों में तीखी प्रतिक्रिया हुई थी. हालाँकि पोप ने कहा था कि ये उनके शब्द नहीं थे और बाद में उन्होंने माफ़ी भी मांगी थी.