मंगलवार, 28 नवंबर, 2006 को 07:09 GMT तक के समाचार
पोप बेनेडिक्ट सोलहवें अपनी तुर्की दौरे के तहत अंकारा पहुँच गए हैं. उनके दौरे को देखते हुए वहाँ कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.
पोप बनने के बाद किसी मुस्लिम देश की उनकी पहली यात्रा है.
उम्मीद की जा रही है कि वहाँ के प्रधानमंत्री पोप से मिलेंगे. तुर्की के प्रधानमंत्री की पहले पोप बेनेडिक्ट से मिलने की योजना नहीं था.
पोप के आने से पहले तुर्की के न्याय मंत्री ने कहा है कि वे उम्मीद करते हैं ये दौरा ईसाई और मुस्लिम समुदाय के बीच रिश्तों के नज़रिए से मील का पत्थर साबित होगा.
न्याय मंत्री का कहना था, "हमारे मेहमान जो कहेंगे और जो करेंगे वो काफ़ी अहम होगा."
इस यात्रा का आयोजन इसलिए किया गया है ताकि पोप बेनेडिक्ट ऑर्थोडॉक्स क्रिशचियन चर्च के प्रमुख से मिल सकें. वे तुर्की की राजधानी इस्तांबुल में आधारित हैं.
विरोध प्रदर्शन
कुछ महीने पहले इस्लाम के बारे में दिए गए एक विवादास्पद बयान के चलते कई मुस्लिम लोग उनकी यात्रा का विरोध कर रहे हैं.
सोमवार को करीब बीस हज़ार लोगों ने यात्रा के विरोध में प्रदर्शन किया. इसे देखते हुए पोप के दौरे के लिए कड़े सुरक्षा इंतज़ाम किए गए हैं.
सुरक्षा कारणों के चलते पोप को विशेष कार से ले जाया जाएगा. हालांकि तुर्की के अधिकारियों का कहना है कि पोप पर कोई ख़तरा नहीं है.
पोप बेनेडिक्ट तुर्की में मस्जिद में भी जाएँगे और वहाँ इस्लामिक, यहूदी और ईसाई समुदाय के नेताओं से मिलेंगे.
पोप बेनेडिक्ट ने सितंबर में अपने जर्मनी दौरे के दौरान इस्लाम के बारे में बयान दिया था.
जर्मनी में दिए एक भाषण में पोप ने मध्यकाल के एक सम्राट मैनुअल द्वितीय के उन शब्दों का ज़िक्र किया था जिनमें उन्होंने पैगंबर मोहम्मद के कुछ संदेशों को "दुष्टता और अमानवीयता" कहकर आलोचना की थी.
हांलाकि पोप ने बाद में कहा था कि ये उनके निजी विचार नहीं थे लेकिन इस बयान को लेकर इस्लामिक देशों में काफ़ी बवाल मचा था.
इससे पहले 1981 में तुर्की के एक व्यक्ति ने पोप जॉन पॉल द्वितीय ने रोम में हुई गोलीबारी में उन्हें घायल कर दिया था.